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जिस पत्नी की हत्या के आरोप में छह साल जेल में रहा वह तो जिंदा मिली

  • लड़की के पिता ने उनदोनों पर लगाया था आरोप

  • जमानत मिलने के बाद खुद ही जासूसी करने लगे

  • पुलिस ने सबूत मांगा तो सबूत भी जुटाकर लाये

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः आरती नाम की महिला अचानक लापता हो गयी थी। उसके अचानक लापता हो जाने के बाद उसके पिता ने उसके पति के खिलाफ हत्या कर लाश को गायब कर देने का मामला थाना में दर्ज कराया था। इस मामले में सोनू नामक युवक पिछले छह वर्षों से जेल मे था और उसकी जमानत बार बार नामंजूर हो जाया करती थी। इस बार जब उसे जमानत मिली तो वह जेल से बाहर निकला। जेल से बाहर निकलने के बाद उसके अपने ही प्रयास से उस महिला को खोज निकाला, जिसकी हत्या के आरोप में वह इतने दिनों तक जेल में बंद था।

आरती दरअसल वृंदावन की रहने वाली है। वर्ष 2016 में सोनू के साथ उसकी शादी हुई थी। उसके अचानक लापता हो जाने के बाद उसके पिता की शिकायत पर यह माना गया था कि सोनू ने अपने दोस्त गोपाल के साथ मिलकर आरती की हत्या कर दी है। पुलिस ने भी इस शिकायत के आधार पर जांच की गाड़ी को आगे बढ़ाते हुए सोनू पर हत्या का आरोप मढ़ दिया था।

ऐसे गंभीर आरोप की वजह से उनक जमानत नहीं हो पा रही थी। उसका दोस्त गोपाल भी उसके साथ जेल में बंद था। दरअसल पुलिस से भी इस मामले में चूक इस वजह से हुई क्योंकि आरती के गुम हो जाने के बाद मिली एक युवती की लाश को देखकर आऱती के पिता ने उसकी पहचान आरती के तौर पर कर दी। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद दोनों अभियुक्त उस युवती की तलाश में लगे हुए थे।

इस क्रम में उन्हें राजस्थान के दौसा जिला में आरती के होने की गुप्त सूचना मिली थी। वहां जाकर दोनों ने आरती को जिंदा हालत में पकड़ लिया। आरती के घर से दो अलग आधार कार्ड भी बरामद किया गया है। अब पुलिस ने आरती को हिरासत में ले लिया है ताकि इस हत्या के मामले में जिंदा सबूत को भी अदालत के सामने पेश किया जा सके।

आरती के बारे में दोनों अभियुक्तों की यह जानकारी मिली थी कि उस लड़की ने वहां एक दूसरी शादी कर ली है। इसी सूचना पर दोनों ने पुलिस को भी इसकी जानकारी दी। आरती को बरामद कर लेने के बाद उसकी तलाशी में दो आधार कार्ड भी बरामद कर लिये गेये हैं। इन दोनों में आरती का जन्मदिन अलग अलग दर्ज किया गया है।

पता चला है कि जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद दोनों मित्रों ने मिलकर इस काम को अंजाम दिया। किसी से आरती के जिंदा होने तथा राजस्थान में होने की सूचना पर दोनों वहां पहुंचे। दोनों ने वहां कई किस्म के कारोबार के बहाने आरती की तलाश की।

एक दिन आरती के नजर आने के बाद वे उसके घर का ठिकाना खोज आये। दोनों ने जब पुलिस को इसकी जानकारी दी तो पुलिस ने उस लड़की के आरती होने का सबूत मांगा। इसलिए बाद में मतदाता सत्यापन के नाम पर उस लड़की के घर जाकर सारे घरवालों के दस्तावेज हासिल किये। इसमें आरती का आधार कार्ड भी शामिल था। यह दिखाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और उत्तरप्रदेश पुलिस को भी इसकी सूचना दी। अभी महिला को यूपी पुलिस की देखरेख में अदालत में हाजिर किया जाएगा। उसके बाद यह फैसला होगा कि जिस हत्या के मुकदमे में दोनों अभियुक्त अभी जमानत पर हैं, उस मामले का तथा लड़की के घरवालों का क्या होगा।