सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय पर धमाका
एजेंसियां
हेगः नीदरलैंड की राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच, राजधानी एम्स्टर्डम से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार शाम देश की सत्ताधारी गठबंधन की प्रमुख सहयोगी और संसद की सबसे बड़ी पार्टी डी66 के मुख्यालय को निशाना बनाकर एक धमाका किया गया। स्थानीय पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह घटना द हेग के मध्य स्थित पार्टी कार्यालय में स्थानीय समयानुसार रात लगभग 9 बजे घटित हुई। गनीमत रही कि विस्फोट के समय कार्यालय परिसर के उस हिस्से में कोई मौजूद नहीं था, जिसके कारण किसी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं मिली है।
विस्फोट की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस ने बताया कि इस हमले के संबंध में एक संदिग्ध व्यक्ति को घटनास्थल के पास से ही गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे फिलहाल पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावर ने पार्टी मुख्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर बने लेटरबॉक्स का उपयोग करके विस्फोटक सामग्री अंदर डाली थी।
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री और डी66 के मौजूदा नेता रॉब जेटन ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धमाका शक्तिशाली पटाखों से बने एक देशी बम के जरिए किया गया था। प्रधानमंत्री जेटन ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे डराने-धमकाने का एक कायरतापूर्ण कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों और राजनीतिक विचारों पर इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
राजनीतिक परिदृश्य की बात करें तो, मध्यमार्गी और यूरोपीय संघ की समर्थक डी66 पार्टी ने साल 2025 के आम चुनावों में राष्ट्रवादी नेता गीर्ट विल्डर्स की धुर दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी को एक बेहद कड़े और अप्रत्याशित मुकाबले में हराकर सत्ता हासिल की थी। तब से ही पार्टी कट्टरपंथी समूहों के निशाने पर रही है।
यह पहली बार नहीं है जब डी66 के मुख्यालय को निशाना बनाया गया है। पिछले वर्ष भी एक उग्र आप्रवासन विरोधी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पार्टी कार्यालय पर हमला कर उसकी खिड़कियां तोड़ दी थीं। दरअसल, धुर दक्षिणपंथी विचारधारा वाले समूहों के बीच यह धारणा प्रबल है कि डी66 केवल एक प्रगतिशील अभिजात वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है, जो आम नागरिकों की चिंताओं से दूर है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इस ताजा विस्फोट के पीछे भी किसी संगठित राजनीतिक समूह का हाथ है।