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असम राइफल्स ने हथियारों का जखीरा बरामद किया

मणिपुर के कुछ हिस्सों में एक बार फिर तनाव फैला

  • तीन गांवों पर हमला के बाद लोग लापता

  • एक नागा महिला भी अपने गांव से गायब

  • गुप्त सूचना पर सेनापति जिला में तलाशी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: 8 मई 2026 को सेनापति जिले में असम राइफल्स ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन को अंजाम दिया। 16 असम राइफल्स की यूनिट ने एआरएफआईयू और 3 सीआईबी से प्राप्त सटीक खुफिया सूचनाओं के आधार पर मरनमेई हिल रेंज में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप भारी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया गया है। यद्यपि बरामद हथियारों की विस्तृत सूची अभी गोपनीय रखी गई है, लेकिन सैन्य अधिकारियों ने इसे विद्रोही गतिविधियों के विरुद्ध एक बड़ा प्रहार बताया है। यह ऑपरेशन असम राइफल्स के मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को सिद्ध करता है, जिससे संभावित आतंकी साजिशों को समय रहते विफल कर दिया गया।

एक तरफ जहां सेनापति में सफलता मिली, वहीं इंडो-म्यांमार बॉर्डर से सटे कामजोंग जिले में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भारी हथियारों से लैस कथित उग्रवादियों ने नामली, वांगली और चोरो जैसे सीमावर्ती गांवों पर अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में उग्रवादियों ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया, जिससे ग्रामीण अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हुए। सबसे अधिक नुकसान चोरो गांव में हुआ, जहां अधिकांश घर राख में बदल गए। इस हिंसा के बीच कांगपत गांव की एक महिला और तीन म्यांमार नागरिकों के लापता होने की खबर ने स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है।

मणिपुर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बिगड़ते हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को सख्त करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और विस्थापित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में, सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों के स्रोत और उग्रवादी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं, जबकि सीमावर्ती गांवों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।