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अडानी के बंदरगाह के विरोध में थाना पर हमला

राष्ट्रीय खबर

तिरुअनंतपुरमः केरल में अडानी समूह के निर्माणाधीन बंदरगाह को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। बीती रात इस बंदरगाह का विरोध कर रहे मछुआरों ने स्थानीय पुलिस थाने पर हमला बोल दिया है। भीड़ इतना ज्यादा गुस्से में थी कि लाठी और पत्थरों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। इससे पुलिस की 4 जीप, 2 वैन और 20 मोटरसाइकिलों क्षतिग्रस्त हो गईं। थाने में फर्नीचर और जरुरी दस्तावेजों को भी नष्ट कर दिया गया है। थाने में हमले के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति है। विभाग ने क्षेत्र में 200 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मछुआरे शनिवार को हुई हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग कर रहे हैं। अडानी समूह केरल में साल 2015 से एक मेगा पोर्ट का निर्माण कर रहा है जिसका नाम विझिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह है। लेकिन इसे लेकर स्थानीय निवासियों और मछुआरों की ओर से विरोध किया जा रहा है। इन पक्षों का मानना है कि बंदरगाह बनने से उनकी जीविका पर असर पड़ने के साथ ही तटीय क्षरण हो रहा है। ये पक्ष मांग कर रहे हैं कि सरकार निर्माण कार्य पर रोक लगाकर बंदरगाह की वजह से मरीन इकोसिस्टम पर पड़ने वाले असर का स्वतंत्र ढंग से अध्ययन कराए। हालांकि, अडानी समूह का दावा है कि उनकी ये परियोजना पूरी तरह नियमबद्ध है और आईआईटी जैसी बड़ी संस्थाओं ने इसकी वजह से तटीय क्षरण होने की बात को नकारा है। इस मामले में हाई कोर्ट की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अडानी समूह ने बीते शनिवार निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की थी। अडानी समूह के प्रवक्ता ने दावा किया है कि शनिवार को लगभग 25 ट्रकों ने पोर्ट में घुसने की कोशिश की लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा और दो ट्रकों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाज़ी की गयी। इसके बाद ही हिंसा का दौर शुरू हुआ। लेटिन कैथोलिक आर्कडायसीज़ ने बंदरगाह का विरोध कर रहे लोगों का समर्थन करते हुए ट्रकों को अंदर जाने से रोक किया। इसके बाद, बंदरगाह का विरोध कर रहे लोगों का सामना स्थानीय हिंदू संगठनों से हुआ जो 7500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग कर रहे हैं।