गृह मंत्रालय के पत्र को राजनीतिक घमासान तेज हुई
विपक्ष ने कहा डबल इंजन सरकार फेल
राज्य के मुख्य सचिव को भेजा है पत्र
कानून व्यवस्था की स्थिति का जिक्र है
प्रसन्न महांति
भुवनेश्वरः ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार की पहली बड़ी विफलता सामने आ गई है। राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लिखे गए एक पत्र ने न केवल राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है, बल्कि डबल इंजन के दावे की हकीकत भी देश के सामने ला दी है। इस पत्र के सार्वजनिक होते ही विपक्ष ने मोहन चरण माझी सरकार को चारों तरफ से घेर लिया है और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ओडिशा के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को एक अर्ध-सरकारी पत्र भेजा है। इस पत्र में मंत्रालय ने राज्य में पिछले छह महीनों के अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि राज्य में हत्या, लूट, दुष्कर्म और महिला उत्पीड़न के मामलों में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही कुछ जिलों में संगठित खनन माफिया और नक्सल गतिविधियों के फिर से सक्रिय होने पर भी चिंता जताई गई है। गृह मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि अपराध नियंत्रण के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। यह पहला मौका है जब केंद्र सरकार ने अपनी ही राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर इस तरह से सवाल उठाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, यह पत्र डबल इंजन सरकार के फेल होने का लिखित प्रमाण है। हम लगातार कह रहे थे कि राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, अब तो केंद्र सरकार ने भी हमारी बात पर मुहर लगा दी है।श्री दास ने तीखे शब्दों में कहा, जब देश के गृह मंत्री अमित शाह का मंत्रालय ही कह रहा है कि ओडिशा सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल है, तो मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को एक मिनट भी पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
राज्यसभा में कांग्रेस के संसदीय दल के नेता और वरिष्ठ नेता मानस रंजन मंगराज ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। श्री मंगराज ने कहा, गृह मंत्रालय के पत्र ने मुख्यमंत्री माझी के नेतृत्व वाली सरकार की अक्षमता और अनुभवहीनता को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा, भाजपा ने डबल इंजन का सपना दिखाया था, लेकिन आज दोनों इंजन आपस में ही टकरा रहे हैं। केंद्र राज्य को पत्र लिख रहा है और राज्य सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। इससे साबित होता है कि यह सरकार ओडिशा को संभालने में पूरी तरह से अक्षम है।