चुनावी उतार चढ़ाव के बीच माहौल बनाये रखने की कोशिश
पहले की योजना पूरी विफल हुई है
अपने भंडार में हथियारों की कमी
मित्र देशों को भी बचा नहीं पा रहे
वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि तेहरान के साथ जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए अंतिम निर्णय लेने का समय बेहद करीब आ चुका है। मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों व नागरिकों पर ईरानी बलों और यमन के हूती विद्रोहियों के बढ़ते खतरों के बीच ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक विशेष साक्षात्कार में अपनी भावी रणनीति का खुलासा किया।
उन्होंने बेहद कड़े लहजे में कहा, मेरे पास अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं— या तो मैं इस पूरे मामले को सैन्य बल से पूरी तरह सफाया कर दूँ, जिसे अंजाम देना बेहद आसान है, या फिर कोई ठोस समझौता करूँ। हम यहाँ कोई खेल नहीं खेल रहे हैं।
मध्य पूर्व में लगातार बिगड़ते हालात के बीच वॉशिंगटन के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और नई कांग्रेस के विधिवत पद संभालने के बीच का समय अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक साबित हो सकता है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि कूटनीतिक रास्ते बंद होते हैं, तो चुनाव संपन्न होते ही अमेरिकी सैन्य हमले दोबारा शुरू किए जा सकते हैं। इस रणनीति को मजबूती देने के लिए अमेरिका ने फारस की खाड़ी (पर्शियन गल्फ) में अपने तीसरे विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती कर दी है और हजारों अतिरिक्त सैनिकों को क्षेत्र की ओर रवाना कर दिया है।
दूसरी ओर, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों पर ईरान के बढ़ते हमलों को देखते हुए अमेरिका ने सुरक्षात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने शुरुआत में केवल सऊदी अरब से अपने गैर-जरूरी कर्मियों की वापसी की पुष्टि की थी, लेकिन गुप्तचर एजेंसियों से मिले गंभीर इनपुट के बाद अब पूरे मध्य पूर्व के संवेदनशील इलाकों से अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मचारियों की संख्या में व्यापक कटौती की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कोई त्वरित और सर्वमान्य कूटनीतिक समझौता नहीं हुआ, तो यह क्षेत्र एक बड़े और विनाशकारी युद्ध की चपेट में आ सकता है।