पहाड़ी इलाके में 48 घंटे तक चला खुफिया अभियान
एक ड्रग तस्कर भी हत्थे चढ़ा
गोलीबारी के बाद घरों में आगजनी
गुवाहाटी में 78 मोबाइल फोन, 74 रबर स्टैंप जब्त
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : पूर्वोत्तर भारत (मणिपुर और असम) में सुरक्षा बलों द्वारा उग्रवाद, तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं, जबकि असम में बाढ़ राहत की मांग को लेकर राजनीतिक विरोध प्रदर्शन भी देखा गया।
मणिपुर के कामजोंग जिले में शांगखालोक-पिलोंग मार्ग पर भारतीय सेना और असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान के तहत 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद झाड़ियों में छिपाकर रखे गए 27 आईईडी बरामद कर उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। 398 किलोमीटर लंबी खुली म्यांमार सीमा के पास स्थित होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यह बड़ी सफलता है।
इसके अलावा, इंफाल पूर्व में केसीपी और प्रीपाक संगठन के तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, चुराचांदपुर से साबुन की डिब्बियों में छिपाई गई 785 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक संदिग्ध तस्कर पकड़ा गया। इंफाल पश्चिम के वांगोई इलाके में तलाशी के दौरान एक एसएलआर, ब्रीच-लोडिंग हथियार, कारतूस और तीन वायरलेस सेट बरामद किए गए।
दूसरी ओर, मणिपुर के सेनापति जिले के कैलेनजंग गांव में अज्ञात लोगों ने तीन खाली घरों में आग लगा दी और गोलीबारी की, जिससे तनाव बढ़ गया। कुकी प्रतिनिधियों ने इस हिंसा की निंदा करते हुए लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताई और मामलों की एनआईए जांच व संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की।
असम के गुवाहाटी में रायजोर दल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट के बाढ़ पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विधायक अखिल गोगोई के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
रायजोर दल ने बाढ़ के कारणों की सीबीआई जांच की मांग भी रखी है। इसके अलावा, गुवाहाटी पुलिस ने भेतापारा से आगजनी और आपराधिक साजिश के आरोप में धुबरी निवासी दो लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 78 मोबाइल फोन, लैपटॉप, 74 रबर स्टाम्प, 11 एटीएम कार्ड, 42 चेक बुक और 2.73 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।