Breaking News in Hindi

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की

प्रकाश राज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा

एसआईआर के मुद्दे पर बयान दिया

भाजपा वाले वहां विरोध करने लगे

सभास्थल पर जमकर नारेबाजी की

राष्ट्रीय खबर

हैदराबाद: सोमाजीगुडा प्रेस क्लब में अभिनेता और राजनेता प्रकाश राज द्वारा बुलाई गई मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उस समय तनाव पैदा हो गया, जब तेलंगाना भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर जमकर हंगामा किया। प्रकाश राज ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने और पुरानी मतदाता सूची को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर यह प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी, पार्टी के राज्य ऑल सेल्स कोऑर्डिनेटर अमरनाथ सारंगुला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रेस क्लब पहुंच गए और कार्यक्रम में बाधा डालने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिन पर उन्हें कथित तौर पर वोट चोर बताते हुए चार अलग-अलग जगहों पर मतदान करने का आरोप लगाया गया था। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रकाश राज के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए अमरनाथ सारंगुला ने तीखा हमला बोला और कहा कि एक से अधिक राज्यों में मतदाता के तौर पर अपना पंजीकरण कराना अपने आप में एक कानूनी अपराध है, और ऐसे व्यक्ति को केंद्र की मोदी सरकार या भाजपा की आलोचना करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रकाश राज ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह गणेश चतुर्थी के महापर्व पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया जाता है, उसी प्रकार अब मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का भी विसर्जन किया जाना चाहिए।

उन्होंने पश्चिम बंगाल की हालिया मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा जुड़वाने के लिए नागरिकों द्वारा न्यायाधिकरणों में जो करीब 38 लाख अपीलें दाखिल की गई हैं, उनके निस्तारण में लगभग दस से बारह साल का लंबा वक्त लग सकता है। उन्होंने यह भी प्रश्न किया कि क्या इतनी विशाल संख्या में आए आवेदकों को न्याय के लिए इतने लंबे अरसे तक इंतजार करना पड़ेगा?

अपने हालिया दस-दिवसीय जिलों के दौरे का जिक्र करते हुए प्रकाश राज ने दावा किया कि उन्हें कई लोगों ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के घर आने के वक्त अनुपस्थित रहने भर से उनके नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजी-रोटी की तलाश में अपने मूल निवास से बाहर गए तमाम दिहाड़ी मजदूरों के नाम इस प्रक्रिया के चलते सूची से बाहर हो गए हैं।

प्रकाश राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मन की बात करने वाले पीएम ने क्या कभी एसआईआर प्रक्रिया की जटिलताओं के बारे में देश की जनता को पहले से अवगत कराया था? उन्होंने अंत में मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।

दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तेलंगाना भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एन.वी. सुभाष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रकाश राज द्वारा की गई अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियों की तीखे शब्दों में निंदा की है।