मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क के बाहर सीजेपी का प्रदर्शन
पार्क में सभा की अनुमति नहीं दी थी
फिर से अजीब अजीब नारे भी लगे वहां
भाजपा और सीजेपी में मामूली झड़प भी
राष्ट्रीय खबर
मुंबईःमुंबई के दादर स्थित ऐतिहासिक शिवाजी पार्क के बाहर पुलिस की अनुमति न मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दिया। सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरभ दास और कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने ज्ञानेश, इट्ज डन ब्रो के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
पार्क के शांत माहौल में इंकलाब जिंदाबाद, एक जीरा, दो अजवाइन, ज्ञानेश करो रिजाइन और ज्ञानू काका… इस्तीफा द्या के नारों के साथ देशभक्ति के गीतों की धुनों ने माहौल को जोश से भर दिया। सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया को रोकने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को रद्द करने की मांग की है।
अभिजीत दीपके ने कहा, अगर ज्ञानू गए, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जाना होगा। आशुतोष रांका ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दुकान ईसीआई की वजह से चल रही है। दीपके ने घोषणा की कि यदि 10 अक्टूबर तक इस्तीफा नहीं दिया गया, तो पूरे देश से प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मार्च करेंगे।
सभा को संबोधित करते हुए अभिनेत्री शबाना आजमी और गायक विशाल ददलानी सहित कई हस्तियां भी शामिल हुईं। शबाना आज़मी ने कहा कि मतदान हमारा अधिकार है और यदि इसे छीना जाए, तो विरोध करना हमारा फर्ज है। प्रदर्शन में शामिल 70 वर्षीय शिक्षक गंगाधर मेनन ने कहा कि मामला अब मतदाता सूची तक पहुंच गया है। हास्य कलाकार राजीव निगम और राकांपा नेता अनीश गवंडे ने भी एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
दादर पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन में लगभग 4,000 से 5,000 लोग मौजूद थे और सुरक्षा के लिए 800 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इस दौरान ठाणे के 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिलई को सीने में दर्द हुआ, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सीजेपी और दक्षिणपंथी समर्थकों के बीच मामूली कहासुनी हुई, जिसे पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शांत करा दिया।