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समाज में सकारात्मक बदलाव पर दें जोरः मोदी

हमारा लक्ष्य वोट बैंक की राजनीति करना कभी नहीं रहा

बाइक सवारों से सीधी बात की पीएम ने

पिछले बारह वर्षों में बहुत विकास हुआ है

मोदी के जन्मदिन से शुरू हुई थी यात्रा

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से वोट बैंक की राजनीति से दूर रहकर सामाजिक सुधारों और सकारात्मक बदलावों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही सेवा यात्रा के बाइक सवारों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के गांवों और शहरों के बीच की खाई काफी हद तक कम हुई है तथा ग्रामीण बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार आया है। इसके साथ ही देश में महिलाओं की आत्मनिर्भरता भी तेजी से बढ़ी है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने के साथ-साथ वे एक महान समाज सुधारक भी थे और उन्होंने हमेशा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीख देते हुए कहा, हम राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी वोट बैंक की परवाह किए बिना समाज सुधार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए लगातार काम करना चाहिए। समाज की सेवा करने वालों का हमेशा सम्मान होना चाहिए।

इस दौरान, प्रधानमंत्री ने प्रयागराज में स्वच्छता अभियान से जुड़े सफाई कर्मियों की भूरी-भरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन स्वच्छता कर्मियों के कठिन प्रयासों की वजह से ही कुंभ मेला आज दुनिया भर में स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध हुआ है और इससे भारत का वैश्विक सम्मान बढ़ा है। इसी के चलते उन्होंने उन स्वच्छता कर्मियों के चरण धोकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

प्रधानमंत्री ने साझा किया कि उनके अपने निजी जीवन में सेवा यात्रा का बहुत बड़ा महत्व रहा है। देश का शायद ही कोई ऐसा जिला बचा हो, जहां उन्होंने जाने का सौभाग्य न पाया हो और कई जिलों में उन्हें रात बिताने का अवसर भी मिला है। उनकी यह यात्राएं और अनुभव आज भी उन्हें एक गुरु की तरह सही दिशा दिखाते हैं।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गत 17 सितंबर (उनके जन्मदिन) को वडनगर और वाराणसी से दो विशाल बाइक रैलियों को हरी झंडी दिखाई गई थी, जो आगामी 7 अक्टूबर को संपन्न होंगी। वडनगर गुजरात में प्रधानमंत्री का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी 2014 से उनकी लोकसभा सीट है। ये रैलियां गांवों, कस्बों और जिलों से गुजरते हुए सेवा के भाव को सीधे जमीनी स्तर तक पहुंचा रही हैं।

संघ परिवार के विचारक दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीएम मोदी ने उनके उन सात सिद्धांतों का जिक्र किया, जो समाज के प्रति कर्तव्य पूरा करने की प्रेरणा देते हैं। ये सात सिद्धांत सेवा भाव, संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता, संवेदनशीलता और संवाद हैं।