अमेरिकी विदेश मंत्री ने यूरोप के पड़ोसी देशों को सतर्क किया
न्यूयार्कः अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चिंता जताई कि रूस का यूक्रेन के खिलाफ युद्ध हाइब्रिड या तोड़फोड़ के हमलों के जरिए, या फिर किसी गलतफहमी से शुरू होने वाले सीधे मुकाबले के कारण अन्य देशों में भी फैल सकता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए रुबियो ने कहा, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर हमारी कई चिंताओं में से एक यह है कि यह विकृत होकर अन्य स्थानों पर भी फैल सकता है।
उन्होंने आगे कहा, यह युद्ध किसी अन्य रूप में आगे बढ़ सकता है, चाहे वह हाइब्रिड हमले के जरिए हो, तोड़फोड़ के हमले से हो, या किसी गलतफहमी के कारण—जैसे कोई पायलट गलत रास्ते पर चला जाए और अचानक सक्रिय मुकाबला शुरू हो जाए। ये बातें चिंता का विषय हैं। हम कई देशों के साथ हुई विभिन्न बैठकों में इस मुद्दे को उठाते हैं क्योंकि यह एक वास्तविक चिंता है। उनकी यह टिप्पणी न्यूयार्क में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात के तुरंत बाद आई है।
हाइब्रिड युद्ध का तात्पर्य आमतौर पर सैन्य, आर्थिक, खुफिया और प्रचार के तरीकों के संयोजन से है। इसमें साइबर हमले और दुष्प्रचार अभियान शामिल हो सकते हैं, जिनका उद्देश्य चुनावों से पहले जनमत को प्रभावित करना होता है। एक रिपोर्टर ने रुबियो से जर्मनी के लीपजिग हवाई अड्डे पर रूस के संभावित तोड़फोड़ के प्रयास के बारे में विशेष रूप से पूछा था, लेकिन उन्होंने अपने व्यापक जवाब में इस मामले पर सीधे तौर पर बात नहीं की।
अगस्त की शुरुआत में हवाई अड्डे पर एक यूक्रेनी कार्गो विमान के पास विस्फोटकों से लैस एक ड्रोन पाया गया था। जर्मन सरकार ने इस घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस पर यूक्रेन का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ हमले करने का आरोप लगाया था। व्हाइट हाउस में एक रिपोर्टर द्वारा पोलैंड की चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर ट्रम्प ने कहा था, वे लगभग पांच वर्षों से यूक्रेन के सहयोगियों पर हमले कर रहे हैं। मुझे लगता है कि हर कोई इस बात से सहमत है।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने पहले चेतावनी दी थी कि उन्हें उम्मीद है कि रूस यूक्रेन और कीव का समर्थन करने वाले दोनों देशों पर अपने हमले बढ़ाएगा। टस्क द्वारा उद्धृत खुफिया आकलन के अनुसार, पोलैंड सहित यूक्रेन को सहायता प्रदान करने वाले देशों को ऐसे ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ सकता है जिन्हें दुर्घटनावश हुआ प्रतीत कराया जाए।