असम की जानकारी से हैरान हो गया है पूरा राज्य
ओएनजीसी की पाइप लाइन से चोरी
क्राइम ब्रांच से शिकायत पर कार्रवाई की
संदिग्ध नेटवर्क को फिलहाल बंद किया गया
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः पूर्वोत्तर राज्य असम के गोलाघाट जिले के अंतर्गत आने वाले सरुपथर क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनी ओएनजीसी की भूमिगत और मुख्य पाइपलाइनों से बड़े पैमाने पर हो रही कच्चे तेल की अवैध चोरी के एक संदिग्ध मामले में सरुपथर के उप-मंडल पुलिस अधिकारी दीपेन पातर को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। एक उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी के इस तरह के संगठित और अवैध अपराध में सीधे तौर पर लिप्त पाए जाने से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
इस सनसनीखेज गिरफ्तारी को अंजाम देने के लिए राज्य पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई थी। क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक जन दास के नेतृत्व में गोलाघाट जिला पुलिस की एक विशेष और त्वरित कार्रवाई टीम ने गुरुवार को सुनियोजित तरीके से यह छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की। प्रारंभिक पुलिस रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के अनुसार, यह पूरी गिरफ्तारी पिछले काफी समय से इस संवेदनशील क्षेत्र में ओएनजीसी की अति-सुरक्षित पाइपलाइनों से चुपचाप कच्चे तेल को अनधिकृत रूप से निकालने और उसकी तस्करी करने वाले एक बड़े व कुख्यात सिंडिकेट की चल रही व्यापक जांच के बाद संभव हो पाई है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर लगाम कसने के लिए जिम्मेदार एक सेवारत पुलिस अधिकारी का ही इस प्रकार के अवैध कच्चे तेल की चोरी के संगठित रैकेट में सीधे तौर पर शामिल होना अपने आप में कई बड़े सवाल खड़े करता है। इस घटना ने असम पुलिस बल की कार्यप्रणाली और आंतरिक सुरक्षा तंत्र पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जिससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस अवैध और संगठित तेल चोरी के कारोबार में और भी कई भ्रष्ट स्थानीय अधिकारियों या प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
फिलहाल, राज्य पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए अपनी सघन और बहु-आयामी जांच को लगातार आगे बढ़ा रही है। जांचकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह अवैध तेल तस्करी का रैकेट भौगोलिक रूप से कितना फैला हुआ था और इसके तार किन-किन नेटवर्क से जुड़े हैं। इसके साथ ही, पुलिस इस बात की भी बेहद बारीकी से पड़ताल कर रही है कि इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र में गिरफ्तार अधिकारी दीपेन पातर की व्यक्तिगत भूमिका कितनी गहरी और सक्रिय थी, ताकि इस अवैध सिंडिकेट के अन्य सभी चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।