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गरीबों और दलितों को ठगने की साजिश की जा रही है

जनगणना पर कांग्रेस ने फिर से आरोप लगाया

जाति जनगणना से मोदी सरकार भाग रही

असली मुद्दों को टाल रही है यह सरकार

जो आंकड़े मौजूद हैं, उस पर समय नष्ट

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को आगामी प्रस्तावित जनगणना 2027 की पूरी कार्यप्रणाली और इसकी समय-सारणी को लेकर केंद्र सरकार पर एक तीखा और आक्रामक हमला बोला है। पार्टी के संगठन में संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरी राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया अब पूरी तरह से विकृत हो चुकी है। उन्होंने सरकार की वास्तविक मंशा के साथ-साथ इस राष्ट्रव्यापी अभ्यास के दौरान जनता से एकत्र की जाने वाली विभिन्न प्रकार की जानकारियों के स्वरूप और उसकी उपयोगिता पर भी बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जयराम रमेश की यह तीखी प्रतिक्रिया एक हालिया मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद आई है। इस रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया था कि आगामी चुनावों वाले चार राज्यों में जनगणना 2027 के अंतर्गत जनसंख्या गणना के चरण को अचानक आगे बढ़ाने और इसकी प्रश्नावली में कई नए तथा संवेदनशील सवालों को शामिल करने के सरकारी निर्णय से देश के कई पूर्व और अनुभवी जनगणना अधिकारियों के मन में गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। रिपोर्ट के हवाले से इन पूर्व अधिकारियों ने आशंका जताई है कि प्रक्रिया में किए जा रहे इन ताबड़तोड़ बदलावों से अंततः एकत्र किए जाने वाले मूल डेटा की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, उन्होंने जनगणना के आंकड़ों का राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और संभावित रूप से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जैसे अन्य संवेदनशील प्रशासनिक डेटाबेस के साथ सीधा संबंध जोड़े जाने पर भी गहरी आपत्ति और खतरे की आशंका व्यक्त की है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए जयराम रमेश ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनगणना 2027 का पूरा ढांचा और इसका स्वरूप अपनी मूल भावना से पूरी तरह भटक कर बिगड़ गया है। उन्होंने विशेष रूप से जाति से जुड़े पूछे जाने वाले सवाल को बेकार करार दिया, जबकि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण से जुड़ी जानकारी को अनावश्यक बताया क्योंकि इस तरह का स्वास्थ्य डेटा देश में पहले से ही अन्य डिजिटल माध्यमों और स्वास्थ्य पोर्टलों पर बड़े पैमाने पर मौजूद है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रत्येक नागरिक से उनके माता-पिता के पूरे नाम, उनका व्यक्तिगत धर्म और सटीक जन्म स्थान जैसी अत्यंत गोपनीय व्यक्तिगत जानकारियां जुटाए जाने के प्रावधान पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और इन विशिष्ट प्रश्नों को भयावह तथा निजता का हनन करने वाला बताया।

कांग्रेस पार्टी का यह आक्रामक रुख केवल नीतिगत आलोचना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे ठीक पहले बुधवार को भी पार्टी ने जाति से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए अपनाए जा रहे तकनीकी प्रारूप पर गंभीर तकनीकी चिंताएं व्यक्त की थीं। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया था कि जनगणना फॉर्म में ड्रॉप-डाउन मेनू या पूर्व-निर्धारित विकल्पों की सूची के बजाय खुले सिरे वाले सवालों का उपयोग करना एक बहुत बड़ी और जानबूझकर छोड़ी गई गंभीर खामी है। कांग्रेस का तर्क है कि इस तरह के खुले प्रारूप से डेटा में भारी विसंगतियां पैदा होंगी। इस पूरे गंभीर घटनाक्रम के बीच, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखकर मौजूदा दोषपूर्ण प्रक्रिया पर अपनी गहरी असहमति जताई है और देश में पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी तथा सटीक डेटा सुनिश्चित करने के लिए जनगणना के मौजूदा प्रारूप में तत्काल व्यापक बदलाव करने की पुरजोर मांग की है।