बार बार की घुसपैठ की समस्या से निपटने का उपाय हुआ
विधानसभा में इसकी जानकारी दी गयी
कुछ स्थानों पर घेराबंदी का विरोध है
पचास किलोमीटर का इलाका खुला है
प्रशांत चक्रवर्ती
अगरतलाः त्रिपुरा ने बांग्लादेश के साथ अपनी 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 805.99 किलोमीटर का कांटेदार तार का घेरा लगाने का काम पूरा कर लिया है। राज्य के गृह विभाग ने विधानसभा में टिपरा मोथा के विधायक रंजीत देबबर्मा द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। इससे यह स्पष्ट होता है कि लगभग 50 किलोमीटर सीमा पर अभी भी बाड़ लगाने का काम अधूरा है।
गृह विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में फेंसिंग का काम लंबित है। इन क्षेत्रों में दक्षिण त्रिपुरा जिले का बेलोनिया; धलाई जिले के लोंगथराई वैली, कमालपुर, अम्बासा और गंडाचेरा; उत्तर त्रिपुरा का कंचनपुर; खोवाई; तथा सिपाहीजाला जिले का सोनामुरा शामिल हैं। राज्य सरकार ने बार-बार केंद्र के समक्ष यह मुद्दा उठाया है और शेष कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
गृह विभाग ने इस देरी के लिए कई भौगोलिक और परिचालन संबंधी चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया है। इनमें खड़ी और ऊंची भूमि (विषम भूभाग), प्रस्तावित फेंसिंग मार्गों को पार करने वाली नदियां और नाले, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश की आपत्तियां और निर्माण एजेंसियों द्वारा की जाने वाली देरी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा का लगभग 50 किलोमीटर हिस्सा अभी भी बिना बाड़ के होने के कारण, ये शेष हिस्से त्रिपुरा में सीमा प्रबंधन और सुरक्षा के लिए लगातार एक चुनौती बने हुए हैं।