Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बिलासपुर के खपरगंज बवाल में पुलिस का बड़ा एक्शन: हिस्ट्रीशीटर सुहैल खान समेत 9 गिरफ्तार, अब तक 20 पह... धमतरी में सर्पदंश से कक्षा 8वीं के छात्र की मौत: जमीन पर सोते समय करैत सांप ने डसा, कुरुद के अटंग गा... रायपुर एम्स के मंच से दिखा बदलते छत्तीसगढ़ का स्वरूप: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया छात्रों क... दुर्ग में स्वाइन फ्लू का कहर: 4 नए मरीजों की पुष्टि के बाद आंकड़ा पहुंचा 17, जिला अस्पताल में 10 बेड... बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: नीलमडगु के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और BGL सेल का डंप... इंदौर में बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी... देवास के SKP कॉलेज में हाथ में कागज की बंदूक लेकर पहुंचे छात्र: 3 माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें, प्र... सीधी में बारिश का कहर: कैमूर पहाड़ पर धंसी मुख्य सड़क, अमिलिया-हनुमना मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद; ... बर्खास्तगी के 26 साल बाद फिर पहनी CRPF की वर्दी: संत बनकर मंदिर में काटा जीवन, इलाहाबाद हाई कोर्ट से... पथरीले ग्रहों का निर्माण बिग बैंग के काफी बाद हुआ, देखें वीडियो

राज्य मे किसानों और शिक्षकों के खिलाफ मामले वापस

अपने एक और वादा को पूरा पर डीएमके का तंज भी आया

पिछली सरकार में दर्ज थे ये मामले

मानवीय दृष्टिकोण से फैसला लिया

ऐसे दूसरे मामले भी वापस ले लेंगे

राष्ट्रीय खबर

चेन्नईः तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को मई 2021 से अप्रैल 2026 के बीच आजीविका, अधिकारों और वाजिब मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की। सरकार ने कहा कि यह फैसला मानवीय आधार और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

विधानसभा में बोलते हुए विजय ने कहा, पिछली सरकार द्वारा कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया। आज भी वे (किसान और शिक्षक) अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों की वजह से संघर्ष कर रहे हैं। हमारी सरकार, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों का सम्मान करती है, उसने मानवीय दृष्टिकोण को देखते हुए शिक्षकों और किसानों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने का फैसला किया है।

विजय ने जोर देकर कहा, यह सरकार किसानों, शिक्षकों और उनकी जायज मांगों के साथ खड़ी रहेगी। मुख्यमंत्री ने तिरुवन्नमलाई जिले में सिपकाट औद्योगिक पार्क का विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों का भी हवाला दिया, जिनमें वे मामले भी शामिल थे जहां किसानों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।

विजय ने परंदूर में प्रस्तावित हवाई अड्डे के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने कृषि भूमि, जल निकायों और आजीविका के नुकसान पर चिंता व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री ने कहा, उन सभी मामलों को भी वापस लिया जाएगा। यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों को और मजबूत करेगा तथा आम जनता और सरकार के बीच विश्वास को बढ़ाएगा।

इस पर तंज कसते हुए विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसानों के खिलाफ मामले वापस लिए गए हैं और डीएमके सरकार के दौरान 5,000 से अधिक मामले वापस लिए गए थे।