सीसीटीवी ने एक सौ पांच घटनाएं दर्ज हैं
एसआईटी ने सौंपी है अपनी रिपोर्ट
25 से पहले चार्जशीट दाखिल करें
आरोपी पहले से ही जेल में बंद
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को बताया गया कि अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की चोरी के 105 मामले मंदिर के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं और 25 सितंबर से पहले चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। यह खुलासा भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष किया गया, जो कथित घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने विशेष जांच दल की स्टेटस रिपोर्ट से विवरण साझा करते हुए कहा कि पहली गिरफ्तारी से लेकर वैधानिक 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को समाप्त हो जाएगी।
न्यायालय को जानकारी देते हुए सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा, पहली गिरफ्तारी की तारीख से 90 दिन 25 सितंबर को पूरे होने वाले हैं, इसलिए हमें चार्जशीट दाखिल करनी होगी, अन्यथा उन्हें (आरोपियों को) वैधानिक जमानत (डिफ़ॉल्ट बेल) मिल जाएगी। पीठ ने मजिस्ट्रेट को कानून के अनुसार चार्जशीट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसने एसआईटी द्वारा सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट का भी अवलोकन किया।
शीर्ष अदालत ने इससे पहले एसआईटी को अपनी जांच तेजी से पूरी करने और इसे तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने का निर्देश दिया था, साथ ही सीलबंद लिफाफे में प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड मामले में मुख्य साक्ष्य हैं। रिपोर्ट में दर्ज किया गया है कि मंदिर के सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से चंदे की चोरी की 105 घटनाओं की पहचान की गई है, जो आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत प्रदान करती हैं, जिनमें से कुछ कैमरे में पहचाने जा सकने योग्य हैं। गवाहों के बयान और अन्य सामग्री भी एकत्र कर ली गई है। पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि निचली अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद उसकी एक प्रति उसके समक्ष भी रखी जाए।