कार बम धमाके में सैन्य अधिकारी की मौत
सेंट पीटर्सबर्गः रूस के दूसरे सबसे बड़े शहर सेंट पीटर्सबर्ग से एक भीषण और सनसनीखेज वारदात की खबर सामने आई है। गुरुवार की सुबह एक आवासीय इलाके में खड़ी सैन्य अफसर की कार में अचानक हुए एक जोरदार धमाके से पूरा क्षेत्र दहल उठा। इस कार विस्फोट की घटना में रूसी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ गाड़ी में मौजूद उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
यह दुखद दुर्घटना सुबह उस समय घटी जब अधिकारी और उनकी पत्नी सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों के लिए विशेष रूप से बनाए गए एक आवासीय परिसर स्थित अपने अपार्टमेंट से बाहर निकल रहे थे। दोनों जैसे ही अपनी कार में सवार हुए, गाड़ी में अचानक तीव्र विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि आसपास का इलाका गूंज उठा और अधिकारी की घटनास्थल पर ही जान चली गई। वहीं उनकी पत्नी को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
रूस की आधिकारिक जांच एजेंसियों ने शुरुआत में मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केवल इतना पुष्टि किया कि मृतक रूसी सशस्त्र बलों का एक सक्रिय सदस्य था। हालांकि, उन्होंने मृतक की पहचान या घटना से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारियां तुरंत सार्वजनिक नहीं कीं। बाद में, सेंट पीटर्सबर्ग के प्रतिष्ठित स्थानीय समाचार पोर्टल फोंटांका ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि जान गंवाने वाले व्यक्ति रूसी वायु सेना में ‘लेफ्टिनेंट-कर्नल’ के पद पर तैनात एक उच्च सैन्य अधिकारी थे।
विस्फोट के तुरंत बाद रूसी सुरक्षा बल और जांच समितियां मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को घेरकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। शुरुआती जांच में धमाके के सटीक कारणों या विस्फोट में इस्तेमाल किए गए सामग्री के प्रकार को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के भीतर कार बम धमाकों और लक्षित हमलों की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। इन वर्षों में कई रूसी सैन्य अधिकारियों, प्रभावशाली विचारकों और प्रशासन से जुड़े प्रमुख लोगों को इसी तरह कार विस्फोटों के जरिए निशाना बनाया गया है। ज्यादातर मामलों में, रूसी जांचकर्ताओं ने इन घटनाओं को सुनियोजित आतंकी हमला करार देते हुए इसके लिए सीधे तौर पर यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों और विशेष सुरक्षा सेवाओं को जिम्मेदार ठहराया है।