हैती के गुट संघर्ष में मरने वालों की संख्या 47 हुई
पोर्ट ओ प्रिंसः कैरेबियाई देश हैती की राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस के बाहरी इलाके में सशस्त्र गिरोहों द्वारा अंजाम दी गई भीषण और क्रूर हिंसा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हिलाकर रख दिया है। राजधानी के दक्षिण में लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित केन्सकॉफ समुदाय में सप्ताहांत में हुए इस सुनियोजित हमले में कम से कम 47 बेकसूर लोगों की जान चली गई।
यह घटना तब और भी खौफनाक रूप ले बैठी जब हमलावर भारी हथियारों से लैस होकर केन्सकॉफ के मुख्य रिहाइशी इलाके में दाखिल हुए। उपद्रवियों ने दर्जनों मकानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हिंसा से जान बचाकर भाग रहे कई विस्थापित नागरिकों ने एक स्थानीय चर्च परिसर के भीतर शरण ली, लेकिन हमलावरों ने उस पवित्र स्थल को भी नहीं बख्शा। हमलावरों ने चर्च परिसर पर धावा बोल दिया और वहां मौजूद 22 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। संयुक्त राष्ट्र एकीकृत कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस भीषण वारदात के दौरान 50 से अधिक लोगों का जबरन अपहरण कर लिया गया, जबकि 22 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस जघन्य वारदात की कड़े शब्दों में निंदा की। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मंगलवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हैती में लगातार हो रहे ये गैंग हमले वहां की बदतर होती सुरक्षा स्थिति का खतरनाक प्रमाण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को अराजकता से बचाने के लिए हैती की राष्ट्रीय पुलिस और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों के साझे प्रयासों को तुरंत तेज करने की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने हैती की अंतरिम सरकार से मांग की कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से गठित विशेष न्यायिक इकाइयों के माध्यम से इस जनसंहार के दोषियों की पहचान कर उन्हें सख्त सजा दी जाए।
भारी गोलीबारी और कड़ी मशक्कत के बाद हैती की राष्ट्रीय पुलिस अंततः गैंग के हमलावरों को पीछे धकेलने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल करने में सफल रही। हैती की अंतरिम सरकार ने इस घटना को जघन्य आपराधिक हमला करार देते हुए देश भर में सुरक्षा बलों को उच्चतम अलर्ट पर रख दिया है और प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और सैन्य टुकड़ियां तैनात कर दी हैं।