मेडिकल आधार पर रिहा करने की अपील खारिज कर दी गयी
मोनरोवियाः पश्चिम अफ्रीकी देश लाइबेरिया की पूर्व उपराष्ट्रपति जुएल हावर्ड-टेलर को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराधों के गंभीर आरोपों के तहत मुकदमा चलाने के लिए मंगलवार को जेल भेज दिया गया। अदालत ने उनकी उस मानवीय याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खराब स्वास्थ्य और मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देते हुए इलाज के लिए अस्पताल में रहने की अनुमति मांगी थी। हावर्ड-टेलर के कानूनी दल का तर्क था कि पुलिस हिरासत के दौरान उन्हें अस्थमा का गंभीर दौरा पड़ा था और उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) भी चिंताजनक रूप से बढ़ गया था, जिसके चलते उन्हें मोनरोविया के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती रखकर उपचार की आवश्यकता थी। हालांकि, अदालत ने इन तर्कों को नाकाफी मानते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।
वर्ष 2018 से 2024 तक लाइबेरिया की उपराष्ट्रपति रहीं और पूर्व राष्ट्रपति चार्ल्स टेलर की पत्नी जुएल हावर्ड-टेलर पर एक विशाल अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों के सिंडिकेट का हिस्सा होने के आरोप लगे हैं। उन्हें 19 अगस्त को रोबर्ट्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे देश छोड़कर बाहर भागने का प्रयास कर रही थीं। इस बहुचर्चित मामले में उनके अलावा तीन विदेशी नागरिकों पर भी उनकी गैर-मौजूदगी में गंभीर आपराधिक धाराएं दर्ज की गई हैं।
यद्यपि पूर्व उपराष्ट्रपति के बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सत्तापक्ष द्वारा रची गई एक राजनीतिक साजिश करार दिया है, लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि उनके पास आरोपों को साबित करने के लिए ठोस सबूत मौजूद हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, उनके पास हावर्ड-टेलर के यात्रा रिकॉर्ड, संदिग्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करों के साथ सीधी सांठगांठ के पुख्ता प्रमाण हैं।
यह कार्रवाई लाइबेरियाई अधिकारियों द्वारा हाल ही में की गई एक बड़ी छापेमारी के बाद सामने आई है, जिसमें लगभग 317 मिलियन डॉलर (करीब 2600 करोड़ रुपये) मूल्य की 4.2 मीट्रिक टन कोकीन जब्त कर नष्ट की गई थी। इस विशाल नेटवर्क में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और उच्च पदस्थ राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने के सुराग मिले हैं। उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका से यूरोप तक होने वाली अवैध कोकीन तस्करी का एक प्रमुख ट्रांजिट रूट बन गया है, जहां तस्कर कमजोर सीमा प्रबंधन का फायदा उठाकर अपना जाल फैला रहे हैं।