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क्या शाह को दो तिहाई बहुमत की तलाशः रमेश

मॉनसून सत्र में देरी पर कांग्रेस ने उठाया नया सवाल

स्थगित हुए अब दस दिन बीत चुके हैं

औपचारिक सत्रावसान नहीं किया गया है

किस बात का इंतजार है गृह मंत्री शाह को

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद के मानसून सत्र के सत्रावसान में देरी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने रविवार को पूछा कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक विशेष सत्र में परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए अभी भी अपने दागी दो-तिहाई बहुमत की तलाश में हैं। लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए 13 अगस्त को स्थगित कर दिए गए थे। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि लोकसभा के अनिश्चितकाल के लिए स्थगन और उसके सत्रावसान (औपचारिक अंत) के बीच का समय आमतौर पर दो से चार दिन का होता है, हालांकि ऐसे कई उदाहरण भी हैं जब स्थगन और सत्रावसान एक ही दिन हुए हैं।

रमेश ने बताया कि इस लोकसभा के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इसके सत्रावसान को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है। कांग्रेस नेता ने एक्स पर कहा, यह सच है कि 2015 में मानसून सत्र के लिए यह अंतर 28 दिन और 2021 में 20 दिन था, लेकिन तब कोई कुटिल चाल नहीं चली जा रही थी। रमेश ने कहा, अब इस असाधारण देरी का क्या कारण है? क्या केंद्रीय गृह मंत्री एक विशेष सत्र में परिसीमन पर संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए अभी भी अपने दागी दो तिहाई बहुमत की तलाश में हैं?

उन्होंने सदन के सत्रावसान की प्रक्रिया को उजागर करने के लिए एम.एन. कौल और एस.एल. शकधर की पुस्तक प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर ऑफ पार्लियामेंट के एक पृष्ठ का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। पुस्तक में कहा गया है, अनुच्छेद 85(2) के तहत राष्ट्रपति द्वारा दिए गए आदेश द्वारा सदन के सत्र की समाप्ति को सत्रावसान कहा जाता है। सदन के सत्रावसान की शक्ति का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर कार्य करते हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को सलाह सौंपने से पहले मंत्रिमंडल से परामर्श कर सकते हैं।

कांग्रेस ने पिछले हफ्ते अगले 25 वर्षों के लिए लोकसभा की वर्तमान संख्या 543 सीटों पर ही बनाए रखने की मांग की थी और मांग की थी कि 2029 के लोकसभा चुनावों से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए।

विपक्षी दल ने यहाँ इंदिरा भवन में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद यह बात कही। बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए रमेश ने कहा था कि परिसीमन के संबंध में कांग्रेस अगले 25 वर्षों तक लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या यानी 543 को अपरिवर्तित रखने के पक्ष में है। रमेश ने कहा, साथ ही, हम इसी संख्या पर महिला आरक्षण लागू करने की मांग करते हैं।