दिपके के साथ साथ पीएम केयर फंड भी जांच लीजिए
मीडिया की सुर्खियों में आये अमित तिवारी
इससे पहले कोई उन्हें जानता तक नहीं था
सीजेपी ने सवालों का उत्तर दे दिया है
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी द्वारा पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता की वित्तीय स्थिति और बच्चों की शिक्षा के खर्च पर उठाए गए सवालों का कड़ा जवाब दिया है। वैष्णवी गौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, एक प्राइवेट इंडिविजुअल के एजुकेशन एक्सपेंस पर आरटीआई लगाने वाले कभी पीएम केयर्स फंड की तरफ भी देखें। मोदी जी आपको माफ कर देंगे, डोंट वरी।
आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कहा था कि उन्होंने सीजेपी के कामकाज और दिपके की वित्तीय स्थिति की जांच के लिए कई अधिकारियों के पास शिकायतें दर्ज कराई हैं। तिवारी ने आरोप लगाया कि सीजेपी संस्थापक के पिता भगवानराव दिपके, जो महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम में कनिष्ठ अभियंता थे, का मासिक वेतन लगभग 60,000-65,000 रुपये था। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी आय होने के बावजूद वे अपने बच्चों को अमेरिका में पढ़ाने का खर्च कैसे उठा सकते हैं। तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से इस मामले में आय से अधिक संपत्ति की जांच करने की मांग की है।
तिवारी ने सीजेपी के पंजीकरण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि संगठन राजनीतिक पार्टी की तरह काम कर रहा है और चंदा ले रहा है, तो उसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके साथ ही, तिवारी ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड में शिकायत कर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिपल द्वारा संगठन को दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने की मांग की है।
इसके बाद ही सीजेपी की तरफ से यह उत्तर दिया गया है। इसके अलावा दिपके ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कर्ज लेकर विदेश पढ़ने गये थे और वहां के विश्वविद्यालय से उन्हें छात्रवृत्ति मिली हुई थी।