Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
महतारी वंदन योजना के तहत फॉर्म भरने के बाद भी नहीं मिली पहली किस्त, MCB जिले की महिलाओं का फूटा गुस्... देश के सर्वोच्च संवैधानिक भवन 'राष्ट्रपति भवन' में रचा गया इतिहास, बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति ... सूरजपुर की जयनगर सहकारी समिति में 20 लाख का खाद घोटाला, रिकॉर्ड से गायब पाई गईं यूरिया व डीएपी की बो... कोरिया: कटकोना सरपंच शिप्रा पद से बर्खास्त! एसडीएम बैकुण्ठपुर ने धारा 40(1) के तहत जारी किया आदेश कांकेर में 15.50 करोड़ की नहर लाइनिंग पहली ही बारिश में ढही! दुधावा डैम नहर टूटने से 35 एकड़ फसल जलम... बेकार गोला-बारूद के विस्फोट से झाड़ियों में लगी आग ब्रिदिश अदालत का फैसला एक्टिविस्टों के पक्ष में कोरिया जिले में जल संरक्षण का बड़ा महाभियान, इस मानसून 47 करोड़ लीटर वर्षाजल सीधे होगा भूमिगत इजरायल की हरकतों पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिक्रिया जतायी कोरबा में कटहल खाने के चक्कर में 25 फीट गहरे कुएं में गिरा भालू, मची अफरा-तफरी

सऊदी और अमेरिका के संयुक्त हमले का जोरदार विरोध किया

यह हमारी संप्रभुता का उल्लंघन हो रहा हैः इराक

बगदादः इराक की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने बुधवार को ईरान समर्थित अर्धसैनिक बल पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के ठिकानों पर हुए सऊदी अरब और अमरीका के संयुक्त हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन हवाई हमलों में इराकी अर्धसैनिक समूह के कम से कम 20 सदस्यों की मौत हो गई।

प्रधानमंत्री अली अल-जैदी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में, इराक के सात अलग-अलग प्रांतों में स्थित पीएमएफ के ठिकानों पर किए गए इन हमलों की तीखी आलोचना की गई। परिषद ने इन हमलों को इराक की संप्रभुता और उसकी भूमि की पवित्रता का एक घोर उल्लंघन करार दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इराकी सरकार ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वाली एक आक्रामक कार्रवाई बताया। बयान में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि, किसी भी परिस्थिति में इराक की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई भी उल्लंघन या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दूसरी ओर, सऊदी अरब और अमरीकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि यह संयुक्त हवाई हमला इराक में सक्रिय उन ईरान-समर्थित सशस्त्र समूहों को निशाना बनाकर किया गया था, जो अमरीकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हुए हमलों के लिए जिम्मेदार थे। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई हाल ही में हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई थी। मंत्रालय के अनुसार, सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्रों में स्थित तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश करने वाले कई ड्रोनों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया था। सऊदी अधिकारियों का दावा है कि ये ड्रोन इराक की सीमा से लॉन्च किए गए थे और इन्हें ईरान-समर्थित उग्रवादी गुटों द्वारा अंजाम दिया गया था।

हालाँकि, ईरान द्वारा समर्थित और खुद को प्रतिरोध समूह कहने वाले गुटों के गठबंधन इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने सऊदी अरब पर हुए इन हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से साफ इनकार किया है। संगठन का कहना है कि सऊदी अरब के दावे मनगढ़ंत और झूठे हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सऊदी अरब द्वारा उठाए गए किसी भी मूर्खतापूर्ण कदम का कड़ा और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।