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नागालैंड के मोन शहर पर कहर बनकर बरसी बारिश

बाढ़ और भूस्खलन से 23 लोगों की मौत

  • मोन में चार महिला सहित दस मरे

  • इलाके के बीस से ज्यादा लोग लापता

  • आधी रात के भूस्खलन में 13 मारे गये

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने भीषण तबाही मचाई है। एक तरफ जहाँ देश के अन्य हिस्से भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं, वहीं पूर्वोत्तर के तीन राज्यों—नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और असम—में बाढ़ और जानलेवा भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुँचाया है। अलग-अलग घटनाओं में अब तक कम से कम 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं।

नागालैंड का मोन जिला इस प्राकृतिक आपदा से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। मोन शहर की डिफेंस कॉलोनी और असम राइफल्स कैंप के पास हुए भीषण भूस्खलन के कारण सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में चार महिलाओं सहित 10 लोगों की मौत हो गई है। मलबे में दबने से लगभग 20 से 25 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं या बह गए हैं। वर्तमान में 20 से अधिक लोग लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, पानी के तेज बहाव और अस्थिर ढलानों के कारण राहत कार्य में काफी बाधा आ रही है। स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ मिलकर नागालैंड पुलिस, भारतीय सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।

पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश के कारण दो बड़े भूस्खलन हुए हैं। तवांग जिले के फामला गांव में आधी रात को हुए एक बड़े भूस्खलन में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना की तीन बचाव टुकड़ियाँ मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुँचीन। सेना ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से 13 शव बरामद किए और सुरक्षित बचे लोगों को तुरंत रेस्क्यू किया। इसके अलावा, तवांग में ही शनिवार रात को हुए एक अन्य भूस्खलन में दो और लोगों की मौत हो गई तथा बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुँचा।

आमतौर पर असम में बाढ़ का मौसम जुलाई और अगस्त के महीनों में शुरू होता है, जब ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां मानसून की बारिश से उफान पर होती हैं। लेकिन इस बार समय से पहले हुई भारी बारिश ने असम में संकट खड़ा कर दिया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, लखीमपुर, जोरहाट और शिवसागर जिलों के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। इस बाढ़ से अब तक 42,658 से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं।