चीन में भूस्खलन से 8 लोगों की मौत
एजेंसियां
बीजिंगः मध्य चीन के चोंगछिंग प्रशासनिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पेंगशुई काउंटी से प्राकृतिक आपदा की एक बेहद दर्दनाक और भयावह खबर सामने आई है। यहाँ के एक उपनगरीय पहाड़ी इलाके में शुक्रवार तड़के अचानक एक बहुत बड़ा और विनाशकारी भूस्खलन हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह भूस्खलन इतना भीषण था कि पहाड़ का एक बहुत बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
ऊंचे पहाड़ों से भारी मात्रा में विशालकाय चट्टानें, कंकड़-पत्थर और गीली मिट्टी अत्यधिक तेज गति के साथ नीचे की ओर खिसक कर आ गईं। इस प्राकृतिक आपदा ने देखते ही देखते पूरे इलाके में तबाही मचा दी। पहाड़ के नीचे बसे उपनगरीय क्षेत्र में स्थित 10 से अधिक बहुमंजिला आवासीय इमारतें और स्थानीय मकान इस भारी-भरकम मलबे के नीचे पूरी तरह से दफन हो गए।
स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन राहत दलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे को हटाने और दबे हुए लोगों को ढूंढने के लिए आधुनिक मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद ली गई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद, बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए मलबे के नीचे से 10 लोगों को जीवित और सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। मलबे से निकाले गए इन सभी लोगों को गंभीर चोटें आई थीं, जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद आपातकालीन वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
इस भूस्खलन के बाद क्षेत्र में लगातार भूधंसाव और आगे भी चट्टानें गिरने का खतरा मंडरा रहा है। सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित और जोखिम वाले क्षेत्रों से 1,100 से अधिक लोगों को उनके घरों से सुरक्षित बाहर निकाला है। इन बेघर हुए प्रभावित नागरिकों को प्रशासन द्वारा बनाए गए अस्थायी राहत शिविरों और सुरक्षित सरकारी केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है, जहाँ उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर भूविज्ञान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इस तबाही की गंभीरता की पुष्टि की है। पेंगशुई काउंटी के योजना और प्राकृतिक संसाधन विभाग के प्रमुख वांग चुआनजुन ने मीडिया को तकनीकी विवरण देते हुए बताया कि इस भूस्खलन का पैमाना बेहद विशाल था।
उन्होंने पुष्टि की कि पहाड़ से गिरे कुल मलबे, मिट्टी और पत्थरों का क्षेत्रफल लगभग 6,35,664 वर्ग फुट से भी अधिक था। इस भूस्खलन की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऊपर से खिसक कर नीचे गिरी सबसे बड़ी एकल चट्टान का आकार ही लगभग 1,05,944 वर्ग फुट होने का अनुमान लगाया गया है। इतनी विशालकाय चट्टानों के गिरने के कारण राहत कर्मियों को मलबे हटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बचाव कार्यों में सबसे बड़ी बाधा मौसम विभाग और प्रकृति की ओर से आ रही है। प्रभावित इलाके में हो रही मूसलाधार और लगातार बारिश ने स्थिति को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। साथ ही, दोबारा भूस्खलन होने का डर भी लगातार बना हुआ है।