Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
तमिलनाडु में नीट (NEET) पीड़ित अभ्यर्थियों के परिवारों से मिले राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर साधा तीख... रोहतास EO विमल कुमार हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सरकारी ड्राइवर ही निकला हत्यारा केरल में बारिश का कहर! भूस्खलन और फ्लैश फ्लड में 8 की मौत, 8 लापता; 200 से अधिक राहत शिविरों में भेज... प्रयागराज में राहुल गांधी के 'गूंज' छात्र संवाद की तैयारियों के बीच हंगामा! कांग्रेस बैठक में आपस मे... दिल्ली की जेलों में अप्राकृतिक मौत पर मिलेगा 7.5 लाख तक का मुआवजा: दिल्ली सरकार ने अधिसूचित की नई यो... पुणे में आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान परिवार ने किया सुसाइड: माता-पिता और 19 साल की बेटी की मौत, सु... पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में हमले की कोशिश, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समर्थकों ने आरोपी क... उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला, 5 पुलिसकर्मियों सहि... कांकेर में तबाही का एनीकट! महानदी का पानी घुसने से 200 एकड़ खेत डूबे, 10 साल से परेशान बागोड़ के किस... जांजगीर में कान की बाली खोजने बच्चों पर कराया तंत्र-मंत्र: शिक्षिका गीता कुंभकार निलंबित, कलेक्टर के...

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामला: CCTV में कैद हुआ आरोपियों का ‘प्लान’, 40 दिन में की 70 बार चोरी

अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावे की चोरी के मामले में लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। SIT की जांच में सामने आया है कि आरोपी बहुत ही संगठित तरीके से इस चोरी को अंजाम देते थे। सूत्रों के अनुसार, ड्यूटी पर जाने से पहले ही आरोपियों के ‘रोल’ तय हो जाते थे। चोरी की प्लानिंग सुबह फोन पर ही कर ली जाती थी कि कौन नोट उड़ाएगा और कौन सीसीटीवी कैमरे के सामने खड़ा होकर उसे कवर करेगा।

🎥 CCTV फुटेज से सामने आया आरोपियों का ‘प्लान’

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के कबूलनामे की पुष्टि होती है। अविनाश शुक्ला और मनीष कई बार नोट चुराकर उन्हें अपने कपड़ों में छिपाते हुए साफ देखे गए हैं। वहीं, अनुकल्प, करुणेश और लवकुश जैसे आरोपी चोरी के समय जानबूझकर कैमरे के सामने खड़े होते थे, ताकि चोरी का दृश्य रिकॉर्ड न हो सके। SIT की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने महज 40 दिन में लगभग 70 बार चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।

💸 बराबर बंटवारा और अविनाश की ‘स्पेशल हिस्सेदारी’

पूछताछ में यह भी पता चला है कि चोरी की गई रकम का गिरोह के सदस्यों में बराबर बंटवारा होता था। हालांकि, गिरोह का मुख्य चेहरा रहे अविनाश शुक्ला को अक्सर सबसे बड़ा हिस्सा दिया जाता था। SIT को यह भी शक है कि आरोपियों की पहुंच सीसीटीवी कंट्रोल रूम तक थी, क्योंकि कई फुटेज डिलीट किए गए हैं।

🔍 अगली कार्रवाई: SIT की नजर में अन्य चेहरे

जांच के दौरान सीसीटीवी में सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव की मौजूदगी भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या उन्हें चोरी की जानकारी थी और इस संगठित अपराध में उनकी क्या भूमिका थी। मामले को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।