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मुरादाबाद में बड़ा साइबर फ्रॉड गिरोह गिरफ्तार: ‘ऑपरेशन Cy-वज्र’ के तहत पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

यूपी के मुरादाबाद जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन Cy-वज्र’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरोह का मास्टरमाइंड अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

🕵️ कैसे हुआ गिरोह का खुलासा?

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि केंद्रीय एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज थी। जांच के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के एक संदिग्ध खाते का पता चला, जिसका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने कड़ी मेहनत के बाद आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन और 6 फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए हैं।

☕ कैफे की आड़ में चल रहा था गोरखधंधा

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी वैभव रस्तोगी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। गिरोह की गतिविधियां बुद्ध विहार स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के ऊपर संचालित एक कैफे से होती थीं। दिल्ली निवासी मास्टरमाइंड अरुण वर्मा ने इन युवकों को ‘कम समय में ज्यादा मुनाफा’ कमाने का लालच देकर साइबर ठगी का रास्ता दिखाया था।

💸 निवेश के नाम पर करते थे ठगी

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को निवेश पर मोटा रिटर्न देने का झांसा देता था। पीड़ितों से रकम एसबीआई खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी और फिर उसे नकदी के रूप में निकालकर आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस का दावा है कि केवल मई महीने में ही इस गिरोह ने करीब 1.93 लाख रुपये की साइबर ठगी की है।

🚔 मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस अब दिल्ली निवासी मुख्य आरोपी अरुण वर्मा की तलाश में जुटी है। इसके साथ ही, पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है ताकि साइबर ठगी के इस पूरे जाल को खत्म किया जा सके।