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इसे अब लोग मौत की नहर मानने लगे हैं

गैंगवार से प्रभावित देश में पीड़ितों को जलसमाधि

  • कोरोना काल के बाद से हालात बदले

  • पास के इलाकों में ड्रग तस्करों कब्जा

  • अब लोग पुलिस में शिकायत नहीं करते

एजेंसियां

गुआयाकिलः आम तौर पर जब कोई व्यक्ति लापता होता है, तो उसके परिजन आमतौर पर पुलिस, अस्पतालों या मुर्दाघर से संपर्क करते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कोकीन व्यापार के प्रमुख केंद्र, इक्वाडोर के बंदरगाह शहर गुआयाकिल में रहने वाले कई परिवारों की पहली कोशिश डेथ कनाल (मौत की नहर) में अपने प्रियजनों को तलाशने की होती है।

साल 2023 से अब तक पुलिस ने इस 45 किलोमीटर (28 मील) लंबे जलमार्ग से 100 से अधिक शव बरामद किए हैं। यह नहर नुएवा प्रोस्पेरिना जिले से होकर गुजरती है, जो नार्को-हिंसा (मादक पदार्थों से जुड़ी हिंसा) से जूझ रहे इस शहर के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक है।

नवंबर के महीने में पुलिस को इस नहर के पास एक गड्ढे से सिर कटे नौ लोगों के शव मिले थे। इस नहर का निर्माण एक दशक से भी पहले कृषि भूमि की सिंचाई के लिए किया गया था, लेकिन कोविड महामारी के बाद से जब इक्वाडोर में ड्रग्स से जुड़ी हिंसा भड़की, तब से यह नहर लाशों से पटने लगी है। नहर के किनारे एक कच्चा रास्ता है, जहां कचरे के ढेर, लावारिस कुत्ते और गिद्ध नजर आते हैं। इस इलाके में न तो स्ट्रीट लाइटें हैं और न ही सुरक्षा कैमरे।

यहाँ मोटरसाइकिलों पर सवार सशस्त्र अपराधी गश्त करते हैं। पास की एक पहाड़ी से गिरोह के सदस्यों के कब्जे वाले बिना खिड़कियों के घर साफ देखे जा सकते हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, वे वहां नीचे से हम पर राइफलें तानते हैं। यहाँ उनकी अनुमति के बिना कुछ नहीं होता।

इक्वाडोर कुछ ही वर्षों में लातिन अमेरिका के सबसे सुरक्षित देशों से बदलकर सबसे घातक देश बन गया है। यहाँ मैक्सिकन कार्टेल से जुड़े गिरोह मादक पदार्थों की तस्करी, रंगदारी, अपहरण और अवैध सोने के खनन में लिप्त हैं। इस हिंसा की चपेट में आम नागरिक आ रहे हैं। पिछले साल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इक्वाडोर में हर घंटे औसतन एक व्यक्ति की हत्या हुई। आम लोगों का न्याय प्रणाली पर से भरोसा उठ चुका है और कई लोग डर के मारे पुलिस में शिकायत तक दर्ज नहीं कराते।

अधिकारियों के अनुसार, पड़ोसी देश कोलंबिया और पेरू (जो दुनिया के शीर्ष कोकीन उत्पादक हैं) से आने वाली ड्रग्स को अमेरिका और यूरोप भेजने के लिए गुआयाकिल एक मुख्य रास्ता है। गिरोह के सदस्य लोगों को नहर के ऊपरी हिस्से में मार देते हैं और उनके शव पानी के बहाव के साथ बहकर नीचे आ जाते हैं। स्थानीय लोग अब लगातार डर के साये में जीने को मजबूर हैं।

इसके अलावा, मानवाधिकार संगठनों ने सेना पर भी गिरोहों से निपटने के नाम पर मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और लोगों को जबरन गायब करने के आरोप लगाए हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक समिति ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कई नागरिकों को सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला है। इस बीच, राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने आश्वासन दिया है कि अमेरिका समर्थित इस गैंग-विरोधी कार्रवाई में इक्वाडोर की सहायता करने वाले किसी भी विदेशी सैनिक को कानूनी अभियोजन से छूट (इम्यूनिटी) प्राप्त होगी।