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यही हाल रहा तो यूरोप ही नहीं बचेगाः डोनाल्ड ट्रंप

एर्दोगन की प्रेस कांफ्रेंस पर कब्जा कर यूरोप को नसीहत दी

एजेंसियां

अंकाराः मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सदस्य देशों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने यूरोपीय देशों में बड़े पैमाने पर हो रहे गैर-श्वेत अप्रवासन (इमिग्रेशन) के मुद्दे पर यूरोप से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की धमकी दी।

राष्ट्रपति ट्रंप तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंतिम चरण में थे, जब उनसे डेनमार्क के अधीन आने वाले स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंपे जाने की वार्ताओं के बारे में पूछा गया। इस प्रस्ताव को डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों ने पहले ही खारिज कर दिया है। संवाददाताओं को जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड के इस विवाद ने नाटो के साथ उनके संबंधों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि डेनमार्क असल में ग्रीनलैंड की कोई मदद नहीं करता है।

ट्रंप ने कहा, डेनमार्क वास्तव में ग्रीनलैंड की मदद के लिए पैसे खर्च नहीं करता है, लेकिन यह अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक हिस्सा है। यह क्षेत्र चीनी और रूसी जहाजों से घिरा हुआ है, और हम ऐसा नहीं होने दे सकते। मेरे विचार में ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिए, डेनमार्क का नहीं। रूस से सुरक्षा के लिए हम उन पर इतना पैसा खर्च करते हैं, लेकिन अब हमें कोई पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है।

इसके बाद राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अमेरिकी सैनिकों को पूरे यूरोप के सैन्य ठिकानों से वापस बुलाया जा सकता है, क्योंकि यूरोप अब वैसा नहीं रहा जैसा 20 साल पहले था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, यूरोप बहुत बदल चुका है। उन्हें अप्रवासन और ऊर्जा को लेकर बहुत सावधान रहने की जरूरत है। अगर वे इन दो चीजों को लेकर सतर्क नहीं रहे, तो आने वाले समय में आपके पास कोई यूरोप नहीं बचेगा।

पत्रकारों के साथ यह हैरान करने वाली बातचीत उस समय हुई जब ट्रंप ने एर्दोगन के कार्यालय में चल रही बैठक पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया और इसे एक मुक्त प्रश्नोत्तर सत्र में बदल दिया। उन्होंने एर्दोगन को अंकारा पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़े सवाल का जवाब देने का मौका भी नहीं दिया। ये प्रतिबंध तुर्किए द्वारा रूसी एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने के बाद अमेरिका ने लगाए थे।

साल 2020 से लागू इन प्रतिबंधों के तहत तुर्किए के रक्षा उद्योग को अमेरिकी निर्यात लाइसेंस देने पर रोक है। इससे पहले कि तुर्किए के राष्ट्रपति इस पर कुछ कहते, ट्रंप ने बीच में टोकते हुए कहा कि अमेरिका इन प्रतिबंधों को हटाने जा रहा है। ट्रंप ने कहा, मैं आपको बता सकता हूं कि हम प्रतिबंध हटाने जा रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि वह (एर्दोगन) इस सवाल का जवाब देने में अपना समय बर्बाद करें, क्योंकि हम मार्को रुबियो, स्कॉट बेसेन्ट और पीट हेगसेथ के साथ मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। अब इन प्रतिबंधों को हटाने का समय आ गया है। हम अपने दोस्तों पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहते, यह बहुत सरल है।