Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ... खान-खनिज संशोधन बिल के खिलाफ रांची में राजद-वाम दलों का साझा मोर्चा: आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली घेराव...

Bengaluru Quarry Accident: बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा, चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके तावरेकेरे में गुरुवार को एक भीषण हादसा हो गया। यहां स्थित एक पत्थर खदान में अचानक एक विशाल चट्टान भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से बिहार के 7 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

👷 रोज की तरह काम कर रहे थे मजदूर

पुलिस के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब मजदूर खदान में पत्थर निकालने का काम कर रहे थे। अचानक गिरी चट्टान ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया और मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल (NDRF) ने मौके पर पहुँचकर राहत कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

🔍 प्रशासनिक जांच और सुरक्षा के सवाल

इस हादसे के बाद प्रशासन ने खदान के पूरे इलाके को घेर लिया है ताकि और कोई जनहानि न हो। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि यह हादसा प्राकृतिक कारणों से हुआ या फिर खदान संचालकों द्वारा सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की अनदेखी की गई थी।

🆘 बचाव कार्य और मृतकों की पहचान

खदान में मौजूद अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। राहत टीम ने पूरे मलबे की तलाशी ली है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई और व्यक्ति वहां दबा नहीं है। मृतकों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह दुखद घटना एक बार फिर खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।