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दक्षिणी सीरिया में नया इजरायली हमला हुआ

हजारों लोग अपना अपना घर छोड़कर भागने पर मजबूर

एजेंसियां

दमिश्कः दक्षिणी सीरिया में हुए ताजा इजरायली सैन्य हमलों ने एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है। कब्जे वाले गोलन हाइट्स के निकट स्थित अब्दिन गांव में हुई इस घटना के बाद सीरियाई सरकार ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन करार दिया है। सोमवार को सीरियाई विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इजरायल के इस कदम को आक्रामक और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के विरुद्ध बताया।

यह घटना रविवार को पश्चिमी दारा प्रांत के अब्दिन गांव में हुई, जहाँ इजरायली सेना की एक इकाई ने आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थानीय निवासियों ने जब इसका विरोध किया और सेना के मार्ग को रोकने की कोशिश की, तो इजरायली बलों ने नागरिकों के घरों के पास गोले दागे। इस हमले की दहशत के कारण रातोंरात कई परिवारों को अपने घर छोड़कर पड़ोसी गांवों की ओर पलायन करना पड़ा। स्थानीय निवासी महमूद मुआफ्फाक ने बताया कि गोले सीधे घरों के करीब आकर गिरे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, सोमवार सुबह इजरायली सेना के पीछे हटने के बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ और लोग अपने घरों को लौट सके, लेकिन डर का माहौल अब भी कायम है।

2024 के अंत में बशर अल-असद की सरकार गिरने के बाद से इजरायल ने दक्षिणी सीरिया में अपनी सैन्य गतिविधियों को तेजी से बढ़ाया है। इजरायली सेना न केवल 1967 से कब्जे वाले गोलन हाइट्स के संयुक्त राष्ट्र-निगरानी वाले बफर जोन में प्रवेश कर चुकी है, बल्कि सीरियाई क्षेत्र में और भी अंदर तक अभियान चला रही है। सीरियन सिजिल सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, केवल जून महीने में दारा और कुनेत्रा प्रांतों में इजरायल द्वारा लगभग 300 सैन्य अभियान या उल्लंघन दर्ज किए गए, जिनमें 107 घुसपैठ शामिल हैं।

इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने पिछले सप्ताह स्पष्ट रूप से कहा कि वे लेबनान और गाजा की तरह ही सीरिया के कब्जे वाले क्षेत्रों में भी अनिश्चित काल के लिए अपने सैनिकों को बनाए रखने की योजना बना रहे हैं। इजरायल अक्सर सीरियाई प्रतिरोध को आतंकवाद कहकर संबोधित करता है। इस बढ़ती आक्रामकता की तुर्की ने भी कड़ी आलोचना की है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले सीरियाई जनता के जीवन और संपत्ति को रौंद रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस हिंसा को तुरंत रोकने का दबाव बनाना चाहिए। 13 साल के लंबे युद्ध के बाद संभल रहे सीरिया के लिए इजरायल की यह नई सैन्य कार्रवाई स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।