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Chandigarh Education Department News: शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत; CCL प्रक्रिया हुई सरल, मुख्यालय भेजने की अनिवार्यता खत्म

चंडीगढ़: शिक्षा विभाग ने अपने कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर जारी की है। विभाग ने मार्च 2026 में जारी उस आदेश को आधिकारिक रूप से वापस ले लिया है, जिसके तहत चाइल्ड केयर लीव (CCL) के मामलों को जिला उपायुक्त की अनुशंसा के बाद अनिवार्य रूप से मुख्यालय भेजना पड़ता था। इस नई व्यवस्था से शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सीसीएल प्रक्रिया अब काफी सरल और त्वरित हो जाएगी।

⏳ देरी से मिलेगी मुक्ति और बढ़ेगी कार्यकुशलता

पूर्व में लागू व्यवस्था के कारण फाइलों को जिला स्तर से मुख्यालय भेजने और वहां से मंजूरी मिलने की लंबी प्रक्रिया में कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बार-बार जांच और मंजूरी की प्रतीक्षा के कारण छोटे-छोटे प्रशासनिक निर्णय भी लंबित हो जाते थे। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब संबंधित मामलों में जिला स्तर पर ही आवश्यक निर्णय लिए जा सकेंगे, जिससे अधिकारियों को लचीलापन मिलेगा और कर्मचारियों का समय बचेगा।

✅ कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया हुई सरल

मुख्यालय को अनिवार्य रूप से फाइल भेजने की व्यवस्था समाप्त होने का सीधा असर यह होगा कि मामलों के निपटारे में होने वाली अनावश्यक देरी अब नहीं होगी। विभाग का यह निर्णय पारदर्शिता और प्रशासनिक सरलता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब कर्मचारियों को अपनी छुट्टियों या सीसीएल से संबंधित प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे विभाग में बेहतर कार्य-संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।