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भारत तिवारी एनकाउंटर: गैंगस्टर या जन-आवाज़?

सोशल मीडिया पर पूरा सच सामने आने के बाद भी आनाकामी

राष्ट्रीय खबर

पटनाः बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर इलाके के बिलौती गांव निवासी 26 वर्षीय भारत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत ने पूरे देश में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। 17 जून को एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान गोली लगने से उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान तिवारी ने अवैध हथियार से फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई। अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई।

हालांकि, तिवारी का परिवार पुलिस के इस संस्करण को सिरे से खारिज करता है। परिवार का आरोप है कि फायरिंग से पहले ही भारत ने हथियार डाल दिए थे और आत्मसमर्पण कर दिया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो का हवाला देते हुए परिवार का दावा है कि पुलिस ने उस समय गोली चलाई जब वह निहत्थे थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति से जांच और सीबीआई जांच की मांग की गई है।

भारत भूषण तिवारी स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया के जरिए जन-मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते थे। वे बाढ़, नदी कटाव, विस्थापन और स्थानीय समुदायों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते थे। परिवार के अनुसार, उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और वे फेसबुक जैसे माध्यमों से नागरिक एवं पर्यावरणीय समस्याओं को उजागर करते थे। उनके परिजन उन्हें गरीब और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए काम करने वाला एक सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं।

पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई विवाद बढ़ता देख प्रशासन हरकत में आया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार ने बताया कि लापरवाही के आरोप में एक एसएचओ, दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। शाहाबाद रेंज के डीआईजी को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है, साथ ही बिहार पुलिस ने एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से भी मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है। घटना के संबंध में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं।

मां का दर्द और आरोप भारत तिवारी की मां आशा देवी ने अपने बेटे को बेगुनाह बताते हुए कहा, मेरे बेटे को दो गोलियां मारी गईं। वह गरीबों का मसीहा था, उसे उसके सामाजिक कार्यों के कारण निशाना बनाया गया। उन्होंने सीधे तौर पर डीएसपी को जिम्मेदार ठहराते हुए मौत की सजा की मांग की और न्याय के लिए गुहार लगाई।