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आज्ञाकारी सेवक की तरह आदेश मान रहे हैं पीएम: राहुल

अमेरिकी फटकार के बाद नेता प्रतिपक्ष ने फिर हमला किया

  • तीन भारतीय नाविकों की मौत का मामला

  • अमेरिकी विदेश मंत्री ने जयशंकर को धमकाया

  • मौतों पर भारत विरोध भी दर्ज नहीं करा पा रहा है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। ओमान के तट पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिका द्वारा दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए गांधी ने कहा कि हमारा समझौतावादी प्रधानमंत्री एक आज्ञाकारी सेवक की तरह सुनता है और आदेशों का पालन करता है।

राहुल गांधी ने यह टिप्पणी उस घटना के एक दिन बाद की है जब अमेरिका ने स्पष्ट रूप से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसके द्वारा लगाए गए नाकेबंदी का कोई भी उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह बात विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान कही, जिन्होंने ओमान के तट पर अमेरिकी हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को रुबियो से बात की थी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ ही दिन बाद, न तो कोई पछतावा है और न ही माफी। इसके विपरीत, अमेरिका आदेश जारी कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, अमेरिकी सैन्य आदेशों का तुरंत पालन करें। कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कड़े शब्दों में कहा, एक संप्रभु राष्ट्र ऐसी भाषा कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। लेकिन हमारा समझौतावादी प्रधानमंत्री? वे चुप हैं। वे एक आज्ञाकारी सेवक की तरह सुनते हैं और आदेशों का पालन करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि एक ऐसा प्रधानमंत्री देश के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकता जो उन लोगों का एहसानमंद हो, जो देश का अपमान कर रहे हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, सचिव रुबियो ने जोर देकर कहा कि सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए। गौरतलब है कि अमेरिका ने 13 अप्रैल से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी लागू की है, ताकि ईरान को तेल व्यापार से मुनाफा कमाने से रोका जा सके। इसी सप्ताह भारतीय चालक दल वाले तीन जहाज हमलों की चपेट में आए, जिसमें बुधवार को तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसे अनुचित बताते हुए कड़ी निंदा की है।