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ऐतिहासिक समझौता शीघ्र, हमला रोका हैः डोनाल्ड ट्रंप

अपने ओवल ऑफिस में पत्रकारों के सामने ही कहा

  • इस एलान का कच्चे तेल बाजार पर असर

  • ईरान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हो पायी

  • जहाजों पर हमले की ईरान द्वारा निंदा की गयी

एजेंसियां

वाशिंगटनः पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ नियोजित नए हवाई हमलों की अपनी चेतावनी को अचानक वापस ले लिया है। ओवल ऑफिस से घोषणा करते हुए ट्रम्प ने दावा किया कि युद्ध को समाप्त करने के लिए तेहरान के साथ एक बड़ा समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जिस पर आने वाले कुछ दिनों में यूरोप में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस औचक और सकारात्मक बयान के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में भारी उछाल देखा गया, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि, ट्रम्प के इस एकतरफा उत्साहजनक दावे के विपरीत ईरान का रुख अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने एक बयान जारी कर कहा कि तेहरान अभी तक इस समझौते पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। इस कूटनीतिक रस्साकशी के बीच जमीनी स्तर पर तनाव बरकरार है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, शुक्रवार सुबह ईरानी बलों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बिना पूर्व समन्वय के गुजर रहे एक तेल टैंकर को रोक दिया। इससे पहले ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह शहर के पास तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं। हालांकि, बाद में वहां की आधिकारिक समाचार एजेंसी इर्ना ने स्पष्ट किया कि शहर में कोई विस्फोट नहीं हुआ है और वे आवाजें समुद्री क्षेत्रों में चल रही नियमित सैन्य गतिविधियों से संबंधित हो सकती हैं।

इसी बीच, ईरान ने ओमान के तट के पास पिछले चार दिनों में अमेरिकी नौसेना द्वारा तीन वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन हमलों का शिकार बने जहाजों—एमटी मारीवेक्स, एमटी सेटेबेलो और एमवी जलवीर—पर भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों (आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश) की दर्दनाक मौत हो गई।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और भारत के लोगों तथा सरकार के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की। अमेरिकी कार्रवाई पर तीखा प्रहार करते हुए बकाई ने कहा, भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिका के ये क्रूर हमले, जिनमें कम से कम तीन भारतीय नागरिक मारे गए हैं, अमेरिका की निरंतर चली आ रही सशस्त्र डकैती और सरकारी समुद्री डकैती की नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वे इस प्रकार के गैर-कानूनी और हिंसक आचरण के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को जवाबदेह ठहराएं।