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Punjab Labour Welfare: भगवंत मान का बड़ा ऐलान; 10 लाख निर्माण मजदूरों का होगा फ्री पंजीकरण, खत्म होगा शुल्क

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के निर्माण मजदूरों के कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 10 लाख मजदूरों के मुफ्त पंजीकरण की विशेष मुहिम का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस मुहिम पर होने वाले लगभग 15 करोड़ रुपये के वित्तीय खर्च को खुद वहन करेगी, जिससे मजदूरों को पंजीकरण शुल्क (₹145) नहीं देना होगा। इस पहल का उद्देश्य मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके घर तक पहुंचाना है।

📋 पंजीकरण में तेजी: गांव-गांव लगेंगे विशेष शिविर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में बोर्ड के पास केवल 2.21 लाख मजदूर पंजीकृत हैं, जो राज्य में बढ़ते शहरीकरण और निर्माण कार्यों के हिसाब से बहुत कम है। पंजीकरण को सरल बनाने के लिए श्रम विभाग को गांवों और शहरों में शाम के समय विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि काम से लौटने वाले मजदूर आसानी से अपना पंजीकरण करा सकें। साथ ही, लेबर चौकों पर शेड और पीने के पानी की सुविधा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

⏱️ कल्याणकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ी: प्रोसेसिंग समय 203 से 73 दिन हुआ

सरकार ने सरकारी प्रक्रियाओं को और भी कुशल बनाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में जो कल्याणकारी योजनाओं का प्रोसेसिंग समय 203 दिन था, उसे अब घटाकर महज 73 दिन कर दिया गया है। यह निर्णय मजदूरों को समय पर वित्तीय सहायता और अन्य लाभ प्रदान करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

🛠️ कौशल विकास पर विशेष जोर: ‘पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन’

निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की आय क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने 50,000 पंजीकृत मजदूरों को कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए श्रम विभाग और ‘पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन’ मिलकर काम करेंगे। मजदूरों को राजगीरी, इलेक्ट्रिकल वर्क्स, पेंटिंग, फैब्रिकेशन और फिनिशिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बेहतर कमाई कर सकें।

👩‍🦰 महिला मजदूरों के लिए विशेष प्रावधान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में जुटी महिला मजदूरों को भी सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले। इसके तहत महिला मजदूरों को ‘मांवा-धीयां सत्कार योजना’ के अंतर्गत विशेष वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।