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Saharanpur Shivam Verma Death: सहारनपुर में पेड़ से लटका मिला बजरंग दल नेता शिवम वर्मा का शव; हत्या की आशंका

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शाकंभरी (मिर्जापुर) क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और संदिग्ध मामला सामने आया है, जहां एक युवक का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद पूरे इलाके में भारी सनसनी फैल गई है. मृतक की शिनाख्त बिजनौर जिले के हल्दौर निवासी 30 वर्षीय शिवम वर्मा के रूप में हुई है. गौरव की बात यह है कि मृतक हिंदूवादी संगठन बजरंग दल में विभाग संयोजक (Department Convenor) के महत्वपूर्ण पद पर सक्रिय जिम्मेदारी निभा रहा था. जैसे ही इस घटना की जानकारी दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में फैली, सहारनपुर और बिजनौर दोनों जिलों के बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के आला पदाधिकारी भारी संख्या में मौके पर पहुंच गए. स्थानीय पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर तुरंत पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को नागलमाफी गांव के पास खेतों में एक बबूल के पेड़ पर ग्रामीणों ने एक युवक का शव लटका देखा था, जिसके बाद इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची मिर्जापुर थाना पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया और जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान की.

⚔️ मर्डर कर शव लटकाने की आशंका: मुड़े हुए पैर और घटनास्थल से मिले सिगरेट-लाइटर ने पुलिस जांच को उलझाया

इस पूरी घटना को लेकर घटनास्थल और शव की स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जिससे यह मामला पूरी तरह संदिग्ध हो गया है. पुलिस को घटनास्थल की बारीकी से जांच करने पर रस्सी का एक अतिरिक्त टुकड़ा, सिगरेट के खोखे, एक लाइटर और कुछ नकदी बरामद हुई है. सबसे बड़ा सवाल शव की बनावट को लेकर खड़ा हो रहा है; स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार मृतक के पैर जमीन पर मुड़े हुए थे और घुटने टिके हुए थे. इस जमीनी हकीकत को देखते हुए संगठन और ग्रामीणों द्वारा यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि शिवम की किसी अज्ञात स्थान पर बेरहमी से हत्या की गई है और फिर साक्ष्यों को मिटाने व कानूनी जांच को भटकाने के उद्देश्य से शव को पेड़ पर लटकाकर इसे आत्महत्या (Suicide) का रूप देने का सुनियोजित प्रयास किया गया है.

📱 देहरादून से आए एक आखिरी फोन कॉल का रहस्य: मां के साथ आए थे उत्तराखंड, बुधवार रात से चल रहे थे लापता

मृतक शिवम वर्मा के शोकाकुल परिजनों के मुताबिक, शिवम अपनी मां के साथ किसी पारिवारिक कार्य के सिलसिले में उत्तराखंड के देहरादून आए हुए थे. बुधवार की देर रात उनके मोबाइल पर किसी अनजान व्यक्ति का फोन आया था, जिससे बात करने के बाद वे बिना किसी को कुछ बताए अचानक घर से बाहर निकल गए. उस कॉल के बाद से ही उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और उनका कोई पता नहीं चला. अगले दिन सीधे सहारनपुर के शाकंभरी के जंगलों और खेतों के पास उनका शव पेड़ से लटका मिला. सहारनपुर पुलिस की सर्विलांस और साइबर सेल की टीमें अब उस आखिरी कॉल (Last Dialed Call) और मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को गहराई से खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह आखिरी शख्स कौन था जिसने शिवम को आधी रात को बुलाया था. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सहारनपुर के एसएसपी अभिनंदन सिंह और एसपी देहात मयंक पाठक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां विहिप पदाधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की.

🔍 हत्या या आत्महत्या? दोनों पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही सहारनपुर पुलिस; पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

सहारनपुर जिला पुलिस प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल मामले को अत्यंत संवेदनशीलता से संभाल रहा है और आत्महत्या व सुनियोजित हत्या (Murder) दोनों ही कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रहा है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों का प्राथमिक तौर पर कहना है कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) यह मामला फांसी लगाने यानी आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन घटनास्थल से मिले संदिग्ध साक्ष्यों, मुड़े हुए पैरों की स्थिति और संगठन के दावों के आधार पर सभी वैज्ञानिक बिंदुओं पर जांच जारी है. मिर्जापुर पुलिस का कहना है कि तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा की जाने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल की फोरेंसिक कॉल डिटेल आने के बाद ही शिवम वर्मा की मौत की असली वजह और समय पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगा, जिसके बाद ही उचित कानूनी धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी.