इस बार मौसम विज्ञान विभाग का आकलन सही साबित
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कई जिलों में होने लगी है बारिश
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तीन दिन विलंब से पहुंचा है यह
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अरुणाचल के लिए एलर्ट जारी है
राष्ट्रीय खबर
तिरुअनंतपुरमः भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आधिकारिक तौर पर गुरुवार, 4 जून 2026 को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की पुष्टि कर दी है। हालांकि, यह आगमन अपनी सामान्य तिथि 1 जून से तीन दिन और विभाग द्वारा पहले से अनुमानित तिथि से चार दिन देरी से हुआ है। राज्य में मानसून के दस्तक देते ही बीती रात से ही केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, आईएमडी ने अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों के लिए तीन घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मानसून की अनिश्चितता और अनुमान इससे पूर्व, आईएमडी ने मानसून के 26 मई तक पहुंचने का अनुमान जताया था, लेकिन परिस्थितियों में बदलाव के कारण इसमें देरी हुई। 29 मई को विभाग ने संकेत दिया था कि अगले सप्ताह तक मानसून केरल पहुंच सकता है। दीर्घकालिक आंकड़ों के संदर्भ में, विभाग ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष भारत में सामान्य स्तर की 90 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है।
दूसरी तरफ ईटानगर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश के लिए भी नया पूर्वानुमान जारी किया है। शुक्रवार, 5 जून 2026 को राज्य के कई जिलों में गरज के साथ व्यापक बारिश की संभावना है। अपर सुबनसिरी, क्रा दादी, वेस्ट सियांग, लोअर सियांग, लेपारादा, कामेंग और पापुम पारे जिलों में काफी व्यापक बारिश या आंधी-तूफान आने की अत्यधिक संभावना है।
इसके अतिरिक्त, तवांग, शि-योमी, अपर सियांग, सियांग, ईस्ट सियांग, लोअर दिबांग घाटी, दिबांग घाटी, लोहित, अंजाव, नामसाई, चांगलांग, तिरप और लोंगडिंग जिलों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। शुक्रवार के लिए जारी जिला-वार चेतावनी मानचित्र में अधिकांश जिलों को वॉच श्रेणी में रखा गया है। यह श्रेणी प्रतिकूल मौसम की स्थितियों की संभावना को दर्शाती है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के कई स्थानों पर गरज और बिजली कड़कने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों में भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।