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अरुणाचल प्रदेश के सीएम और ठेकेदारी पर राजनीति तेज

फाइलों पर सीएम के नियंत्रण की आलोचना

  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच जारी

  • प्रदेश भाजपा ने नेतृत्व परिवर्तन से किया इंकार

  • धुबरी के मफिजुल का नौ शादियों का रिकार्ड

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि वह लोक निर्माण अनुबंधों में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच में बाधा डाल रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पारदर्शिता के सभी सिद्धांतों को दरकिनार करते हुए, सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद जांच को रोकने का प्रयास कर रही है।

विवाद का मुख्य केंद्र वह सीबीआई जांच है, जो उन आरोपों पर आधारित है कि जनवरी 2015 से दिसंबर 2025 के बीच मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी फर्मों को 1,270 करोड़ रुपये के ठेके दिए गए थे। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री खांडू के इस्तीफे की मांग करते हुए इसे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उपहास करार दिया है। हालांकि, राज्य भाजपा नेतृत्व ने इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ राज्य में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया भी चर्चा में है। जून में होने वाले मतदान के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पूर्व महापौर तम्मे फासांग ने आधिकारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल किया है, जबकि लगभग 15 अन्य उम्मीदवारों ने भी रुचि दिखाई है। भाजपा अध्यक्ष कलिंग मोयोंग और अन्य नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री खांडू को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून है, जबकि मतदान 18 जून को होगा।

इन्हीं राजनीतिक हलचलों के बीच, राज्य सरकार को एक और चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। अरुणाचल क्रिश्चियन फोरम ने अरुणाचल प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट, 1978 के तहत नए नियम बनाने की प्रक्रिया के खिलाफ मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम दिया है। फोरम का तर्क है कि यह प्रक्रिया जल्दबाजी में की गई है, जिससे सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है। उन्होंने इसे तुरंत रोकने की मांग करते हुए बड़े पैमाने पर विरोध की चेतावनी दी है।

इसके अतिरिक्त, पड़ोसी राज्य असम से जुड़ी एक अन्य घटना भी चर्चा में है, जहां पुलिस ने धुबरी के मफिजुल इस्लाम को हिरासत में लिया है। मफिजुल पर आरोप है कि वह नौ पत्नियां होने के बावजूद 10वीं शादी करने की योजना बना रहा था। ये तमाम घटनाएं राज्य में जारी राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता को रेखांकित करती हैं।