वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति भारत दौरे पर
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज 3 जून से 7 जून 2026 तक भारत की पांच दिवसीय कामकाजी यात्रा पर हैं। यह दौरा भारत और वेनेजुएला के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी इस यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा ऊर्जा सहयोग है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण होरमुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने से भारत अपने कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाने का प्रयास कर रहा है। वेनेजुएला, जिसके पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं, भारत के लिए कच्चे तेल का एक प्रमुख विकल्प बनकर उभरा है।
डेल्सी रोड्रिग्ज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक बातचीत करेंगी। इस चर्चा में ऊर्जा के अलावा व्यापार, निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। उनके साथ वेनेजुएला के विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, संचार मंत्री और परिवहन मंत्री भी शामिल हैं।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वेनेजुएला में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। जनवरी 2026 में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अमेरिकी बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला है।
भारत वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है। ओएनजीसी विदेश लिमिटेड जैसी भारतीय सार्वजनिक कंपनियां वेनेजुएला की ऊर्जा संपत्तियों में निवेश कर रही हैं। साथ ही, रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे निजी क्षेत्र के दिग्गज भी वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद कर रहे हैं। डेल्सी रोड्रिग्ज की यह भारत की छठी यात्रा है। इससे पहले वे विदेश मंत्री (2015) और उपराष्ट्रपति (2019, 2023, 2024, 2025) के रूप में भारत का दौरा कर चुकी हैं।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 90 फीसद आयात करता है। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए, वेनेजुएला के साथ गहराते आर्थिक संबंध भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस दौरे के दौरान वेनेजुएला का प्रतिनिधिमंडल भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं को देखने के लिए ऊर्जा, फार्मा और ऑटोमोबाइल सेक्टर के विभिन्न केंद्रों का भी दौरा करेगा।