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पाकिस्तान से लौट रहे अफगान शरणार्थियों का ट्रक पलटा

लघमान प्रांत के हादसे में 18 लोगों की मौत

एजेंसियां

जलालाबाद (पूर्वी अफगानिस्तान): पाकिस्तान से अपने वतन लौट रहे अफगान परिवारों के साथ शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पूर्वी अफगानिस्तान के लघमान प्रांत में एक ओवरलोड (क्षमता से अधिक भरा) मालवाहक ट्रक के अनियंत्रित होकर राजमार्ग पर पलटने से कम से कम 18 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 30 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में 10 बच्चे और 5 महिलाएं शामिल हैं, जो इस हादसे का सबसे बड़ा शिकार बने।

यह भीषण दुर्घटना काबुल-जलालाबाद राजमार्ग पर लघमान प्रांत के करघाई जिले में सुरखाकन चौराहे के पास स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 5:30 बजे हुई। शुरुआती जांच और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, ट्रक पूरी तरह से विस्थापित परिवारों और उनके घरेलू सामानों से खचाखच भरा हुआ था। लंबी दूरी की यात्रा के कारण चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे उसने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रक सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा गिरा।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, बचाव दल और आस-पास के नागरिक तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्रक के मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को इलाज के लिए पड़ोसी नंगरहार प्रांत के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई लोगों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।

तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने प्रभावित परिवारों के लिए आपातकालीन वित्तीय सहायता के रूप में 7,30,000 अफगानी (लगभग 10,000 अमेरिकी डॉलर) की घोषणा की है।

इस्लामाबाद द्वारा बिना दस्तावेजों वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे देश निकाला अभियान के कारण पाकिस्तान से अफगान नागरिकों की जबरन वापसी का सिलसिला तेज हो गया है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक 4,47,000 से अधिक अफगान पाकिस्तान छोड़कर वापस आ चुके हैं। कम बजट और संसाधनों की कमी के चलते ये गरीब परिवार असुरक्षित मालवाहक ट्रकों में अपना सारा सामान और परिवार लादकर यात्रा करने को मजबूर हैं। इसके अलावा, दशकों के संघर्ष के कारण अफगानिस्तान के राष्ट्रीय राजमार्ग बेहद जर्जर स्थिति में हैं, जो इन जानलेवा हादसों का एक बड़ा कारण बनते हैं।