Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
National Basketball Championship: छत्तीसगढ़ बना नेशनल चैंपियन; महासमुंद की दिव्या रंगारी बनीं 'मोस्ट... Dhamtari News: बांसपारा वार्ड में पति-पत्नी ने उठाया घातक कदम; बीमारी से परेशान नवविवाहिता की मौत, प... Palari Nagar Panchayat Election: चुनाव प्रचार के आखिरी दिन डिप्टी CM अरुण साव का शक्ति प्रदर्शन; कां... RIMS Ranchi Doctor Death: रिम्स के पीजी छात्र डॉ. सानू सनल बरवार का निधन; घर में मृत पाए गए डॉक्टर, ... Deoghar Development News: देवघर में सड़कों का होगा कायाकल्प; विधायक सुरेश पासवान ने की कई नई परियोजन... Maiya Samman Yojana Fraud: सिमडेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा; पुरुष ने महिलाओं के नाम पर हड़पे 30 हजार, FIR ... Jharkhand Weather Update: झमाझम बारिश से झारखंड में गर्मी का 'दहन'; रांची में पारा 8.6 डिग्री लुढ़का... Chatra Crime News: चतरा पुलिस का बड़ा प्रहार; सिमरिया में 6 लाख की अफीम के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार Kho-Kho Championship in Jamtara: जामताड़ा में राज्य स्तरीय बालिका खो-खो प्रतियोगिता का आगाज; 16 जिलो... Palamu Murder Case: पारा शिक्षक हत्याकांड का खुलासा; 25 हजार के लेन-देन और रंजिश में दोस्त ने ही की ...

Dhanbad Railway Underpass: बड़की बोआ अंडरपास बना ‘तालाब’; जलजमाव से 20 गांवों का संपर्क टूटा, ग्रामीण परेशान

धनबाद के ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र स्थित बड़की बोआ रेल अंडरपास में जलजमाव की समस्या ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस अंडरपास में मामूली बारिश के बाद ही कई फीट पानी भर गया है, जिससे लगभग 15 से 20 गांवों का संपर्क टूट गया है। अंडरपास के जलमग्न होने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

🚧 इंजीनियरिंग की खामी या लापरवाही?

यह महत्वपूर्ण रेलवे परियोजना अपनी जल निकासी की खराब व्यवस्था के कारण सवालों के घेरे में है। सड़क पूरी तरह डूब चुकी है, जिसके चलते दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें मजबूरी में जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के समय उचित ड्रेनेज सिस्टम पर ध्यान नहीं दिया गया।

🗣️ ग्रामीणों का आक्रोश और रेलवे की दलील

समस्या के स्थायी समाधान को लेकर ग्रामीणों ने कई बार रेलवे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। एक बार फिर ग्रामीण बड़ी संख्या में अंडरपास पर एकत्र हुए और अतिरिक्त अंडरपास के निर्माण की मांग की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मोटर पंप लगाकर पानी निकासी शुरू कराई है। वहीं, डीआरएम अखिलेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि स्थान के जमीन से काफी नीचे होने के कारण यह स्थिति बनती है और मोटर पंप ही फिलहाल इसका एकमात्र समाधान है।

⚠️ तात्कालिक राहत से नाखुश ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि पंप लगाकर पानी निकालना केवल एक तात्कालिक उपाय है, जो समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। हर साल मानसून में उन्हें इसी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि वे भविष्य के लिए ठोस योजना तैयार करें, ताकि बरसात के मौसम में ग्रामीणों का आवागमन बाधित न हो।

संपादकीय टिप्पणी: बुनियादी सुविधाओं के नाम पर करोड़ों का निवेश यदि आम जनमानस की मुश्किलें कम न कर सके, तो वह व्यर्थ है। क्या आपको लगता है कि रेलवे प्रशासन को इस अंडरपास का पुन: डिज़ाइन करने की आवश्यकता है? अपने विचार नीचे कमेंट्स में साझा करें।