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Ramgarh Cyber Crime: साइबर ठगी और फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश; 44 लाख की अवैध निकासी के मामले में एक गिरफ्तार

रामगढ़ साइबर अपराध थाना पुलिस ने साइबर ठगी और फर्जी सिम कार्ड के जरिए बैंक खातों के दुरुपयोग करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अभियुक्त निखिल कुमार को उसके सूर्यनगर स्थित आवास से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और चार फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा रहा था।

🔍 जांच में खुली साजिश की परतें

इस मामले का खुलासा पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्त विकास कुमार उर्फ विकास यादव की निशानदेही पर हुआ। 17 मार्च को विकास यादव की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में निखिल कुमार की संलिप्तता सामने आई थी। डीएसपी (मुख्यालय) अकरम रजा के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सूचनाओं के आधार पर 29 मई को छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा। जांच में पाया गया कि आरोपी ने इंटरनेट कॉलिंग और बैंक खातों के मोबाइल नंबर सक्रिय करने के लिए इन फर्जी सिमों का इस्तेमाल किया था।

💰 44 लाख रुपए की संदिग्ध निकासी

पुलिस जांच के अनुसार, इसी नेटवर्क के माध्यम से वादिनी के बैंक खाते से करीब 44 लाख रुपए की अवैध ट्रांजैक्शन (UPI और नेट बैंकिंग) की गई थी। पुलिस इसे साइबर अपराध से अर्जित राशि मानकर चल रही है। जब्त किए गए मोबाइल उपकरणों को फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि इस साइबर नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचा जा सके।

⚖️ पुलिस की सख्त चेतावनी

डीएसपी मुख्यालय अकरम रजा ने कहा कि साइबर अपराधियों का यह नेटवर्क काफी विस्तृत है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपी निखिल कुमार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के साथ अपना बैंक विवरण साझा न करें और किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत साइबर थाना को दें।

संपादकीय टिप्पणी: डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। 44 लाख की यह ठगी इस बात का प्रमाण है कि हमें अपने वित्तीय लेनदेन में कितनी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। क्या आप साइबर अपराध से बचने के लिए सुरक्षा के उपाय अपनाते हैं? अपने सुझाव नीचे साझा करें।