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गर्मी पर मोदी की अपील का मजाक उड़ गया

औद्योगिकीकरण के नाम पर जंगल काटने के बाद अपील

  • सोशल मीडिया में अजीब अजीब बातें

  • खर्च कम करने के दिखावा पर तंज

  • सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट नहीं करने को कहा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नागरिकों से भारत में जारी भीषण लू (हीटवेव) के बीच खुद को हाइड्रेटेड रखने और कमजोर वर्गों की रक्षा करने का आग्रह किया, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर तीखी और व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी। लोगों का तर्क था कि गर्मी का यह बिगड़ता संकट केवल सार्वजनिक एडवायजरी जारी करने से नहीं बल्कि सरकार के कड़े हस्तक्षेप से सुधरेगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, भारत के विभिन्न हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है और इसके साथ ही कई चुनौतियाँ भी आ रही हैं। यह गर्मी हम सभी के लिए कठोर है और मैं आप सभी से यथासंभव सावधानी बरतने का आग्रह करता हूँ।

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री का एसी कमरा, एसी घर, एसी कार, एसी बाथरूम में रहते हुए खुद की तुलना गर्मी से जूझ रहे आम नागरिकों से करना गलत था। जहां कुछ लोगों ने कहा कि राजनेताओं को बिना पंखे या एयर कंडीशनर के एक दिन बाहर बिताना चाहिए, वहीं अन्य लोगों ने एयर कंडीशनर को टैक्स-फ्री करने और बसों व ट्रेनों को पूरी तरह से वातानुकूलित (एसी) बनाने की मांग की। प्रधानमंत्री के फैशन और स्टाइल सेंस को लेकर भी ऑनलाइन मज़ाक देखने को मिला; एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि नरेंद्र मोदी को अपने घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए क्योंकि वे खुद इतने हॉट हैं कि केवल उनकी उपस्थिति ही तापमान को पांच से छह डिग्री बढ़ा सकती है।

आलोचकों ने मोदी की इस हीट एडवायजरी की तुलना सरकार की पर्यावरण नीतियों से की। उन्होंने आरोप लगाया कि हसदेव, अंडमान और निकोबार तथा अरावली के जंगलों में लाखों पेड़ काट दिए गए और अडानी समूह को सौंप दिए गए। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि सरकार महंगाई या बेरोजगारी पर तो शायद ही कभी ट्वीट करती है, लेकिन जब भी ज्ञान देने का समय आता है, तो दो या तीन ट्वीट रैपिड-फायर की तरह आ जाते हैं।

हाल ही में लागू किए गए ईंधन बचत उपायों पर भी लोगों की पैनी नज़र रही। आलोचकों ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों पर मोदी के काफिले को छोटा करने के कदम को एक पब्लिसिटी स्टंट में बदलने का आरोप लगाया। एक यूजर ने टिप्पणी की कि ई-रिक्शा की प्रतीकात्मक सवारी करने के बावजूद, मंत्रियों के पीछे बड़ा काफिला चलता रहा और उसके बाद वे ईंधन संरक्षण का उपदेश देने लगे। एक अन्य यूजर ने लिखा, मोदी जी, आप अविश्वसनीय हैं, पहले जंगल साफ कर रहे हैं, और अब लोगों को गर्मी से निपटने का लेक्चर दे रहे हैं। इसके अलावा, गर्मी से जुड़ी बीमारियों और मौतों के बढ़ते मामलों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी की भी आलोचना की गई।