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नीट परीक्षार्थी के शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे राहुल गांधी

इस गड़बड़ी के लिए मोदी-शाह की जोड़ी जिम्मेदार

जयपुर के एनएसयूआई कार्यालय में भेंट

भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम हैं ऐसे हादसे

विभागीय मंत्री कुर्सी से चिपका बैठा है

राष्ट्रीय खबर

जयपुरः कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को राजस्थान के सीकर में आत्महत्या करने वाले एक नीट अभ्यर्थी के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली के संचालन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही मांगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने जयपुर में एनएसयूआई कार्यालय में प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात की और छात्र की मौत को टूटी हुई, भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हिंदी में की गई एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, आज मैंने उस होनहार छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात की, जो नीट पेपर लीक से इतना टूट गया था कि उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। उनका दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक माँ और पिता ने अपने बेटे को खो दिया है, और उनका कोई कसूर नहीं था।

उन्होंने कहा कि देश भर के लाखों छात्र शैक्षणिक दबाव, प्रतिस्पर्धा और अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बोझ तले जी रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, और जब पेपर लीक होता है, तो केवल एक परीक्षा नहीं टूटती—एक बच्चे का सपना और पूरा परिवार बिखर जाता है। प्रदीप की मौत आत्महत्या नहीं थी—यह एक टूटी हुई, भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम थी।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इसकी जिम्मेदारी उन लोगों पर है जिन्होंने माफियाओं को परीक्षा प्रक्रिया में घुसपैठ करने की अनुमति दी। उन्होंने कहा, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली माफियाओं के हवाले कर दी और जो आज भी अपनी कुर्सियों पर चिपके हुए हैं—मोदी-शाह की जोड़ी इस परिवार के प्रति जवाबदेह है।

पुलिस के अनुसार, प्रदीप ने कथित तौर पर अपनी बहन के दुपट्टे से कमरे के सीलिंग फैन (छत के पंखे) पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना के समय उसकी एक बहन कोचिंग क्लास गई हुई थी जबकि दूसरी बहन बाथरूम में थी।

पुलिस ने बताया कि छात्र 3 मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 में शामिल हुआ था, जिसे बाद में पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया था और दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया था, जिसमें संकेत मिले थे कि परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता से समझौता किया गया होगा। कथित लीक मामले की सीबीआई जांच चल रही है।

नीट-यूजी विवाद ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक खींचतान को जन्म दिया है, जिसमें विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक की शुचिता की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है, जिसमें हर साल लाखों मेडिकल अभ्यर्थी शामिल होते हैं।