Twisha Sharma Case: भोपाल एम्स में दोबारा होगा ट्विशा का पोस्टमार्टम; जबलपुर से गिरफ्तार आरोपी समर्थ सिंह का खुलेगा राज
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सनसनी फैलाने वाले हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma Case) संदिग्ध मौत मामले में हर दिन चौंकाने वाले और नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस की विशेष टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को देर रात जबलपुर से गिरफ्तार कर भोपाल ले आया गया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने जांच से जुड़ी कई अहम कड़ियों की आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस संवेदनशील मामले में दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद अब समर्थ सिंह से पुलिस रिमांड में बंद कमरे के भीतर गहन पूछताछ की जाएगी। शुरुआती तकनीकी जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद आरोपी समर्थ करीब 10 दिनों तक लगातार फरार रहा। पुलिस इस बात की पूरी टाइमलाइन और डिजिटल डेटा जुटाने में लगी हुई है कि इस फरारी के दौरान वह किन-किन गुप्त जगहों पर छिपा रहा, उसे किसने शरण दी और किन रसूखदार लोगों ने उसकी छिपने में मदद की।
⚖️ आरोपी समर्थ सिंह को बचाने वाले भी आए पुलिस के सीधे रडार पर: 7 दिनों की रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी देगी भोपाल पुलिस
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि फॉरेंसिक या तकनीकी जांच में यह सामने आता है कि किसी भी व्यक्ति या सरकारी/गैर-सरकारी अधिकारी ने आरोपी समर्थ को पुलिस से छिपाने, बचाने या उसकी फरारी के दौरान किसी भी प्रकार का आर्थिक व व्यावहारिक सहयोग करने की कोशिश की है, तो उसे सह-आरोपी बनाते हुए उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) सहित अन्य संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर रही है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर जांच को हर तरह से मजबूत और त्रुटिहीन बनाया जा सके।
कमिश्नर ने बताया कि भोपाल पुलिस की एक विशेष टीम जबलपुर भी पहुंची थी, जहां आरोपी समर्थ सिंह बढ़ते दबाव के बीच कानूनी शिकंजे से बचने के लिए सरेंडर करने की फिराक में पहुंचा था। वहां स्थानीय स्तर पर आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उसे भोपाल लाया गया। अब पुलिस कोर्ट में पेश कर समर्थ की कम से कम सात दिन की पुलिस रिमांड मांगेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस सात दिनों की रिमांड के दौरान आमने-सामने बैठाकर की जाने वाली पूछताछ में कई ऐसे अहम छिपे हुए तथ्य सामने आ सकते हैं, जो इस पूरे मामले की असली सच्चाई और कत्ल या आत्महत्या की गुत्थी को सुलझाने में मदद करेंगे।
🔬 संदेह दूर करने के लिए भोपाल AIIMS में मेडिकल बोर्ड करेगा दूसरा पोस्टमार्टम: मौत के कारणों पर उठ रहे सवालों पर लगेगा विराम
इस पेचीदा केस में मृतका ट्विशा शर्मा की लाश का दोबारा (दूसरा) पोस्टमार्टम कराया जाना भी इस समय सबसे बड़ा और निर्णायक मुद्दा बना हुआ है। परिजनों की मांग और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने साफ किया कि ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड की सीधी निगरानी में कराया जाएगा। इस री-पोस्टमार्टम (Re-Post-Mortem) का मुख्य उद्देश्य मौत के वास्तविक कारणों और समय को लेकर उठ रहे सभी तरह के मेडिकल सवालों, संदेहों और परिजनों के गंभीर आरोपों को पूरी तरह खत्म करना है ताकि कोर्ट में वैज्ञानिक साक्ष्य मजबूत रह सके।
👩की मां गिरिबाला सिंह की संदिग्ध भूमिका भी जांच के दायरे में: जांच में सहयोग न करने पर अग्रिम जमानत निरस्त कराने की तैयारी
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की इस कूटनीतिक जांच में अब समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह की भूमिका भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनाक्रम से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने और पूछताछ के लिए उन्हें अब तक तीन बार आधिकारिक नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन वे एक बार भी जांच में शामिल होने पुलिस स्टेशन नहीं पहुंचीं।
इसी असहयोगपूर्ण रवैये को आधार बनाते हुए भोपाल पुलिस ने उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) को निरस्त कराने के लिए सक्षम कोर्ट में एक मजबूत आवेदन दायर किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि उनकी ओर से जांच में स्वेच्छा से सहयोग नहीं किया गया, तो पुलिस उन्हें भी हिरासत में लेने के लिए बाध्य होगी।
दूसरी ओर, ट्विशा शर्मा के पीड़ित परिवार द्वारा शुरुआत में पुलिस की सुस्त जांच पर उठाए गए सवालों को लेकर भी पुलिस कमिश्नर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भोपाल पुलिस पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ इस मामले की जांच कर रही है और अब तक किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। फिलहाल पूरे मामले में अब सबकी नजरें कोर्ट की आगामी कार्रवाई, पुलिस रिमांड और एम्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि समर्थ सिंह के मुंह खोलते ही इस हाई-प्रोफाइल केस में कई और सफेदपोश नाम सामने आ सकते हैं।