मामले के तार कई जगहों पर उलझ गये हैं
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टोल भुगतान से पहला सुराग मिला
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तीनों संदिग्ध अभी पुलिस कस्टडी में
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सुपारी कीलिंग का प्रारंभिक अनुमान
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच में पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि हत्या में जिस वाहन का उपयोग किया गया था, उसे विशेष रूप से झारखंड से लाया गया था। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पता चला कि बाली टोल प्लाजा पर टोल टैक्स का भुगतान गाड़ी के अंदर से ही ऑनलाइन यूपीआई के माध्यम से किया गया था।
पुलिस ने बाली टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और उनकी सघन जांच की जा रही है। ऑनलाइन लेनदेन होने के कारण पुलिस अब डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए मुख्य अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस सिलसिले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जांचकर्ताओं का दावा है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी जिसे सुपारी किलर्स के जरिए अंजाम दिया गया।
रविवार देर रात राज्य पुलिस की एसआईटी ने उत्तर प्रदेश के बलिया से शार्प शूटर राज सिंह को गिरफ्तार किया। वहीं, बिहार के बक्सर से दो अन्य आरोपियों, मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को दबोचा गया। पुलिस के अनुसार, ये तीनों सीधे तौर पर हत्याकांड में शामिल थे। सोमवार को कड़ी सुरक्षा और आरएएफ की तैनाती के बीच इन्हें बारासात अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब इन्हें 24 मई को दोबारा पेश किया जाएगा।
विशेष लोक अभियोजक बिभास चटर्जी ने बताया कि जांच अत्यंत गोपनीय तरीके से चल रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस ने पाया कि शार्प शूटर राज सिंह को इस हत्या के लिए मोटी रकम दी गई थी, जबकि टोल प्लाजा पर भुगतान मयंक राज मिश्रा के बैंक खाते से किया गया था।