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नाइजीरिया में सैन्य हमले और गिरोहों का नरसंहार जारी

दोनों तरफ की कार्रवाई में करीब सौ लोगों की मौत

एजेंसियां

जमफाराः नाइजीरिया में कल का दिन सशस्त्र समूहों के खिलाफ जारी संघर्ष के इतिहास में सबसे खूनी दिनों में से एक साबित हुआ। देश भर के विभिन्न स्रोतों ने जानकारी दी है कि नाइजीरियाई सेना और डाकू गिरोहों के बीच जारी इस लड़ाई में करीब 100 निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। यह हिंसा नाइजीरिया के ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा की गिरती स्थिति और नागरिक जीवन की असुरक्षा को उजागर करती है।

उत्तर-पश्चिमी राज्य ज़मफ़ारा  में एक भीड़भाड़ वाले बाजार पर नाइजीरियाई सेना द्वारा किए गए हवाई हमले में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई। एक सामुदायिक नेता ने बताया कि मृतकों में बड़ी संख्या आम नागरिकों की है और कई शव पहचान से परे क्षत-विक्षत हो गए थे। एमनेस्टी इंटरनेशनल की नाइजीरियाई इकाई ने इस हमले में कम से कम 100 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। यह बाजार कथित तौर पर आपराधिक गिरोहों के नियंत्रण में था, लेकिन हमले के समय वहां आम जनता की मौजूदगी ने इसे नरसंहार में बदल दिया। एक स्थानीय निवासी ने तो मरने वालों की संख्या 117 तक होने का दावा किया है।

उसी दिन, नाइजीरियाई वायु सेना ने मध्य नाइजर राज्य में डाकुओं को निशाना बनाकर एक और हमला किया, जिसमें पीड़ितों के परिवारों के अनुसार 13 नागरिकों की मौत हो गई। हालांकि, नाइजीरियाई सेना ने दोनों ही घटनाओं में नागरिकों के मारे जाने की बात से साफ इनकार किया है। सेना का कहना है कि उनके निशाने पर केवल अपराधी और सशस्त्र गिरोह थे। नाइजीरिया के सुदूर ग्रामीण इलाकों से हमलों की सटीक खबरें आने में अक्सर कई दिन लग जाते हैं, लेकिन सोमवार तक यह स्पष्ट हो गया था कि रविवार का दिन विशेष रूप से घातक था, जिसमें न केवल सेना बल्कि डाकू गिरोहों ने भी दर्जनों नागरिकों की हत्या कर दी थी।

स्थानीय स्तर पर बैंडिट्स के नाम से जाने जाने वाले ये समूह जिहादी संगठनों की तरह किसी राजनीतिक या धार्मिक विचारधारा से प्रेरित नहीं हैं, बल्कि इनका मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना है। ये समूह मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम नाइजीरिया में किसानों और चरवाहों के बीच उपजे संघर्षों से पैदा हुए हैं।

ये गिरोह गांवों पर छापा मारते हैं, फिरौती के लिए अपहरण करते हैं और उन क्षेत्रों में किसानों तथा खनिकों से टैक्स वसूलते हैं जहां सरकारी उपस्थिति न के बराबर है। ये विकेंद्रीकृत समूह कभी-कभी एक-दूसरे से लड़ते हैं, तो कभी साझा लक्ष्यों के लिए जिहादी गुटों के साथ मिल भी जाते हैं। आज ये गिरोह नाइजीरिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं।