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चीन की मदद पर भी संसद में चर्चा होः जयराम रमेश

ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में फिर से कांग्रेस ने सरकार को घेरा

  • पाकिस्तान की कैसे मदद की गयी थी

  • चीन की स्वीकारोक्ति और विवाद का मूल

  • चीनी इंजीनियर ने ऐसा बयान दिया है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: शनिवार को कांग्रेस पार्टी ने संसद में एक अत्यंत संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे पर चर्चा की मांग की है। यह मामला पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन द्वारा दी गई कथित ऑन-साइट तकनीकी सहायता से जुड़ा है। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने इस संदर्भ में नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश और सुरक्षा नीति पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

हाल ही में चीनी सरकारी मीडिया ने एक इंटरव्यू प्रसारित किया, जिसमें एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना के एक इंजीनियर, झांग हेंग ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया कि उन्होंने पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान में रहकर तकनीकी सहायता प्रदान की थी।

झांग हेंग उस समय पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा उपयोग किए जा रहे चीनी जे -10सीई फाइटर जेट्स के संचालन और उनकी युद्धक क्षमता सुनिश्चित करने के लिए ऑन-साइट तैनात थे। यह पहली बार है जब बीजिंग ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसके सैन्य कर्मी सीधे तौर पर संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की मदद कर रहे थे।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार की 4 सी पॉलिसी (कंटीन्यूइंग कैलिब्रेटेड कैपिट्यूलेशन टू चाइना – चीन के सामने निरंतर नतमस्तक होना) की आलोचना करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि जब चीन खुलेआम भारत विरोधी सैन्य गतिविधियों में पाकिस्तान का साथ दे रहा है, तो सरकार चीन पर लगे व्यापारिक और निवेश प्रतिबंधों को क्यों ढीला कर रही है? भारत की औद्योगिक निर्भरता चीन पर कम करने के बजाय इसे और अधिक गहरा क्यों किया जा रहा है? विशेषकर तब, जब आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की इस शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ सरकार ने अब तक चुप्पी क्यों साधी हुई है और कोई कड़ा विरोध क्यों नहीं दर्ज कराया?

जयराम रमेश ने याद दिलाया कि जुलाई 2025 में सेना के तत्कालीन उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने भी चीन की वास्तविक समय की खुफिया जानकारी और सैटेलाइट डेटा पाकिस्तान के साथ साझा करने की ओर इशारा किया था। फिर भी सरकार ने इसे नजरअंदाज क्यों किया?

कांग्रेस का आरोप है कि कूटनीतिक स्तर पर भारत पाकिस्तान को अलग-थलग करने में विफल रहा है, और अब चीन की इस सीधी भागीदारी की पुष्टि ने सरकार की सुरक्षा रणनीति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का मानना है कि इन तथ्यों के सामने आने के बाद संसद में इस पर विस्तृत चर्चा होना अनिवार्य है।