मेडागास्कर में तख्तापलट की साजिश नाकाम हो गयी
एजेंसियां
मेडागास्करः मेडागास्कर प्रशासन ने द्वीप को अस्थिर करने की कथित साजिश के आरोप में एक पूर्व फ्रांसीसी सैनिक को हिरासत में लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडागास्कर ने फ्रांसीसी दूतावास के एक एजेंट को भी इस जांच से जुड़ी गतिविधियों के कारण परसोना नॉन ग्राटा (अवांछित व्यक्ति) घोषित कर दिया है।
उप अभियोजक नोमेनारिनेरा मिहामिंतसोआ रामनंतसोआ ने मंगलवार देर रात जारी एक वीडियो बयान में पुष्टि की कि पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रीय सैनिक गाय बेरेट को त्सियाफ़ाही की अधिकतम सुरक्षा वाली जेल में प्री-ट्रायल हिरासत में भेज दिया गया है। इस साजिश में केवल विदेशी नागरिक ही नहीं, बल्कि स्थानीय सैन्य अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
रामनंतसोआ के अनुसार, मेडागास्कर सेना के एक अधिकारी कर्नल पैट्रिक राकोटोममोनजी और अन्य कथित सहयोगियों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। वैसे इस पूरे मामले की पृष्टभूमि और बाद के घटनाक्रम पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाये हैं। सरकार ने भी इस असफल तख्तापलट के बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी है, जिससे स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।
अभियोजन पक्ष ने संदिग्धों पर सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए गलत सूचना फैलाने और देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाने की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। विशेष रूप से, राज्य द्वारा संचालित उपयोगिता कंपनी जिरमा द्वारा संचालित बिजली लाइनों और थर्मल प्लांटों में तोड़फोड़ करने की योजना का उल्लेख किया गया है।
अधिकारियों का दावा है कि इस समूह ने अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए 18 अप्रैल की तारीख तय की थी। इन पर वांछित अपराधियों को पनाह देने और आपराधिक साजिश रचने के भी आरोप हैं। यह घटनाक्रम मेडागास्कर और फ्रांस के बीच कूटनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर फ्रांसीसी नागरिक और दूतावास के कर्मचारी की संलिप्तता का संदेह जताया गया है। अनुमान है कि मामले की जांच की गाड़ी आगे बढ़ने की स्थिति में कई अन्य लोगों के नाम भी इस मामला में जुड़ सकते हैं।