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Parshuram Dwadashi 2026: आज है परशुराम द्वादशी, संतान सुख के लिए क्यों खास है यह दिन? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Parshuram Dwadashi 2026 kab hai: पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को परशुराम द्वादशी के रूप में मनाया जाता है. यह दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम को समर्पित है. ऐसी मान्यता है कि जो दंपत्ति संतान सुख से वंचित हैं या अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, उनके लिए यह व्रत किसी वरदान से कम नहीं है. परशुराम द्वादशी का पर्व जयंती के ठीक 9 दिन बाद आता है. साल 2026 में 19 अप्रैल को परशुराम जयंती का पर्व मनाया गया जो उनके जन्म का उत्सव है, जबकि द्वादशी एक विशिष्ट साधना और व्रत की तिथि है जो आध्यात्मिक लाभ और संतान सुख के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.

परशुराम द्वादशी 2026, तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस साल द्वादशी तिथि का आरंभ 27 अप्रैल 2026, सोमवार को शाम 06:15 बजे से हो रहा है, जबकि इसका समापन 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को शाम 06:51 बजे पर होगा. उदया तिथि के अनुसार मुख्य व्रत 28 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा. वहीं व्रत का पारण अगले दिन यानी 29 अप्रैल 2026 की सुबह 05:42 से 08:21 बजे के बीच करना शुभ रहेगा.

संतान सुख के लिए क्यों खास है परशुराम द्वादशी?

भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, जिन्होंने अधर्म और अन्याय के खिलाफ धरती पर जन्म लिया. मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि जो दंपत्ति संतान सुख से वंचित हैं, वे इस दिन सच्चे मन से व्रत और पूजा करें तो उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है. पुराणों में वर्णन मिलता है कि परशुराम जी की कृपा से न केवल संतान प्राप्ति होती है, बल्कि योग्य, संस्कारी और दीर्घायु संतान का आशीर्वाद भी मिलता है. साथ ही यह व्रत पितृ दोष, ग्रह बाधा और पूर्व जन्म के कर्मों से मुक्ति दिलाने वाला भी माना गया है.